
बरेली में ‘मौत के नाले’ पर एक्शन: इंजीनियरों पर गिरी गाज, ठेकेदार भी होगा ब्लैकलिस्ट
‘मौत के नाले’ ने ली जान, अब जागा सिस्टम—इंजीनियरों पर गिरी गाज
एक साल खुला रहा खतरनाक सैटेलाइट वाला नाला, युवक की मौत के बाद मचा हड़कंप
तौहीद की मौत ने खोली पोल—निगम की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई तय
बैरियर सिर्फ दिखावा, सुरक्षा गायब—खुले नाले ने ली थी जान, अब होगी सजा
30 घंटे के रेस्क्यू के बाद मिला था शव, अब जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। सैटेलाइट बस स्टेशन के पास खुले नाले में गिरकर युवक तौहीद की दर्दनाक मौत ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस मामले में निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। जांच रिपोर्ट सामने आते ही दो अभियंताओं समेत चार कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया गया है, वहीं ठेकेदार पर भी बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
सालभर खुला रहा ‘मौत का जाल’, जिम्मेदार बेखबर
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि व्यस्त सैटेलाइट बस स्टेशन के पास करीब 10 फीट चौड़ा नाला एक साल से खुला पड़ा था। रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही के बावजूद न तो इसे ढका गया और न ही कोई पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए। बैरियर लगाए जरूर गए, लेकिन वे महज औपचारिकता साबित हुए।
इन पर गिरी गाज
जांच कमेटी ने पूर्व अवर अभियंता अनुराग कमल, वर्तमान अवर अभियंता वीर प्रताप पटेल, सफाई निरीक्षक विवेक कुमार और सफाई नायक सर्वेश कुमार को सीधे तौर पर लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
ठेकेदार की भूमिका भी संदिग्ध
पिछले साल नाले की सफाई करने वाले ठेकेदार शाकिर मियां की कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्ट में उसकी लापरवाही उजागर होने के बाद अब उसे ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी चल रही है।
24 मार्च की रात बना काल
24 मार्च की रात करीब साढ़े नौ बजे हरदोई निवासी तौहीद इस खुले नाले में गिर गए थे। अंधेरे और गहराई के बीच चला 30 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार उनकी लाश पर खत्म हुआ। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया।
अब जागा निगम, शहरभर में अभियान
घटना के बाद नगर निगम हरकत में आया है। शहरभर में खुले नालों को ढकने, स्लैब लगाने और लोहे के एंगल से सुरक्षा करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। साथ ही सफाई के नए टेंडर भी जारी किए जा रहे हैं।
कड़ी कार्रवाई के संकेत
सूत्रों की मानें तो दोषियों पर निलंबन, वेतन वृद्धि रोकने और प्रमोशन पर रोक जैसी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। नगर आयुक्त ने साफ संदेश दिया है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।