धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: बरेली के मंदिरों और पर्यटन स्थलों के लिए करोड़ों की सौगात

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धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: बरेली के मंदिरों और पर्यटन स्थलों के लिए करोड़ों की सौगात

बड़ा बाग हनुमान मंदिर से त्रिवटीनाथ तक—अब दिखेगा भव्यता का नया रूप

अहिच्छत्र और लीलौर झील बनेंगे आकर्षण का केंद्र, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता 

बरेली। धार्मिक आस्था केंद्रों को आकर्षक और भव्य बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत बरेली के कई प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा।

सबसे बड़ी सौगात बड़ा बाग हनुमान मंदिर को मिली है। यहां करीब 3.55 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होगा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे, जिससे यह स्थल प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में उभरेगा।

वहीं त्रिवटीनाथ मंदिर में 1.95 करोड़ रुपये की लागत से फसाड लाइटिंग और लाइट एंड साउंड शो शुरू किया जाएगा। करीब तीन घंटे के इस शो में क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और शौर्य गाथाओं का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। यहां पहले से ही करोड़ों रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं।

इसके अलावा अहिच्छत्र के समेकित विकास के लिए 2.13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं लीलौर झील को ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है, जिससे प्रकृति और पर्यटन का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।

अन्य मंदिरों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। बिथरी चैनपुर के सिरोही मंदिर, भोजीपुरा के पूर्णागिरी मंदिर और फरीदपुर के प्राचीन शिव मंदिर के विकास के लिए भी बजट मंजूर हुआ है।

पर्यटन विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष बरेली में एक करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे, लेकिन ठहराव कम रहा। नई परियोजनाओं से न सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि उनके ठहरने की अवधि भी बढ़ेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी के मुताबिक, मंडल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर धार्मिक और पर्यटन विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। जल्द ही सभी परियोजनाओं पर काम शुरू होगा, जिससे बरेली पर्यटन के नक्शे पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta