उत्तराखंड को मिला हेल्थकेयर का बड़ा तोहफा: ‘मेक इन इंडिया’ MRI मशीन पहली बार चम्पावत पहुँचेगी
पहाड़ों में अब हाईटेक इलाज: Zero Boil तकनीक वाली स्वदेशी MRI मशीन से मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
चम्पावत/विशाखापट्टनम: उत्तराखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। पहली बार राज्य में ‘मेक इन इंडिया’ तकनीक से बनी एमआरआई मशीन स्थापित की जा रही है। यह अत्याधुनिक मशीन जल्द ही चम्पावत जिला अस्पताल में मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध होगी।
बताया जा रहा है कि 3i MedTech (Refex Group की कंपनी) द्वारा तैयार की गई Anamaya 1.5T Zero Boil MRI मशीन को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित AMTZ (Andhra Pradesh MedTech Zone) से विधिवत झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस मौके पर AMTZ के संस्थापक, प्रबंध निदेशक और सीईओ डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने 3i MedTech के सीईओ बालासुब्रमण्यम की मौजूदगी में इस मशीन को उत्तराखंड के लिए रवाना किया।
पहाड़ी क्षेत्रों में इलाज होगा आसान
विशेषज्ञों के मुताबिक यह अत्याधुनिक मशीन पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। अब चम्पावत और आसपास के जिलों के मरीजों को एमआरआई जांच के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
Zero Boil तकनीक से बड़ी राहत
इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत इसकी Zero Boil तकनीक है। इस तकनीक के कारण मशीन में हीलियम गैस की खपत बेहद कम होती है, जिससे संचालन लागत कम होती है और यह पर्यावरण के लिए भी अधिक अनुकूल मानी जाती है।
‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बनी इस हाईटेक मशीन की स्थापना से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी नई मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह पहल किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। अब अत्याधुनिक जांच सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा।
भारत अब सिर्फ इलाज नहीं कर रहा, बल्कि इलाज की तकनीक भी खुद बना रहा है।







