
तबादले से ठीक पहले मौत! सिपाही का शव घर में मिला, गले पर निशान से उठे सवाल
पहले हार्ट अटैक की सूचना, पर मौके का दृश्य देख बदली कहानी
गले पर कसाव और बाहर निकली जीभ… परिवार बोला– यह आत्महत्या नहीं हत्या
पत्नी का दावा फंदा, भाई ने दी तहरीर… पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। सीबीगंज थाना क्षेत्र की कैंफर स्टेट कॉलोनी में एक सिपाही की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। अमरोहा में तैनात 37 वर्षीय सिपाही मनोज मौर्य अपने ही घर में मृत पाए गए। शुरुआती सूचना में इसे हार्ट अटैक बताया गया, लेकिन जब परिजन मौके पर पहुंचे तो हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे।
हार्ट अटैक या कुछ और?
शुक्रवार शाम सिपाही की पत्नी ने उनके भाई को फोन कर बताया कि मनोज को हार्ट अटैक आया है। परिजन घबराकर तुरंत घर पहुंचे। लेकिन कमरे में जो दृश्य था, उसने सबको चौंका दिया।
शव जमीन पर पड़ा था। गले पर कसाव का गहरा निशान दिखाई दे रहा था और जीभ बाहर निकली हुई थी। परिवार का आरोप है कि यह सामान्य मौत नहीं हो सकती। उनका कहना है कि हार्ट अटैक की सूचना देना ही पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है।
नई पोस्टिंग, नई शुरुआत… और अचानक मौत
मनोज मौर्य मूल रूप से शेरगढ़ के रहने वाले थे। हाल ही में उनका तबादला अमरोहा से मुरादाबाद हुआ था। शनिवार को उन्हें नई तैनाती पर जॉइन करना था।
परिवार नए घर में शिफ्टिंग की तैयारी में लगा था। कैंफर स्टेट कॉलोनी में हाल ही में मकान बनाया गया था। जिंदगी नई शुरुआत की ओर बढ़ रही थी, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई।
पत्नी बोलीं– फंदा लगाकर दी जान
घटना के बाद पत्नी ने दावा किया कि मनोज ने घर के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या की। हालांकि आत्महत्या की वजह पर वह कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सकीं।
इसी बयान और मौके के हालात ने सवाल और गहरे कर दिए हैं। कॉलोनी में देर रात तक लोग चर्चा करते रहे कि आखिर सच्चाई क्या है।
परिवार का आरोप– रची गई कहानी
मृतक के भाई ने थाना सीबीगंज में तहरीर देकर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मामले को दबाने के लिए हार्ट अटैक की कहानी गढ़ी गई। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। कमरे की बारीकी से जांच की गई और साक्ष्य एकत्र किए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है —
क्या यह आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या?
तबादले से एक दिन पहले हुई यह मौत कई रहस्य छोड़ गई है। सच्चाई का खुलासा अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही संभव होगा।