
दहेज में कार न मिलने पर विवाहिता और नवजात को पीटा, ससुराल से निकाला
कार की मांग ने तोड़ा घर, नवजात संग विवाहिता को घर से भगाया
दहेज लोभियों की हैवानियत: कार न देने पर बहू और मासूम से मारपीट
रिपोर्ट : राजकुमार कश्यप
फतेहगंज पश्चिमी। दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों द्वारा विवाहिता को नवजात बच्चे के साथ मारपीट कर घर से निकालने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कस्बे के मोहल्ला ठाकुर द्वारा निवासी रेनू कुमारी का विवाह करीब दो वर्ष पूर्व 7 फरवरी को बरेली के थाना सुभाष नगर क्षेत्र के करगैना निवासी विभोर सक्सेना से हुआ था। पीड़िता के पिता धर्मराज लाल के अनुसार, विवाह के समय करीब 15 लाख रुपये का दान-दहेज दिया गया था, इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से कार की मांग की जाने लगी।
आरोप है कि मांग पूरी न होने पर पति विभोर सक्सेना, ससुर संतोष सक्सेना, सास पूनम सक्सेना, जेठ अभिनय सक्सेना, ननद सृष्टि सक्सेना और नंदोई राजन सक्सेना ने विवाहिता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 24 दिसंबर को पुत्र के जन्म के बाद भी उत्पीड़न का सिलसिला नहीं रुका।
पीड़िता का कहना है कि लगातार दबाव बनाने के बाद जब कार नहीं दी गई तो बीते माह 7 जनवरी को सभी आरोपियों ने एकजुट होकर उसे मासूम बच्चे के साथ मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। किसी तरह वह मायके पहुंची, जहां परिजनों की मदद से पुलिस को तहरीर दी गई।
थाना प्रभारी प्रयागराज सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर पति सहित छह अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।