सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक का आरोप: दबंगों की धमकी, जातिसूचक अपशब्द और पुलिस की उदासीनता से दहशत
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली। जनपद बरेली में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रेमनगर क्षेत्र में रहने वाले उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त नरेश सिंह ने कुछ दबंग लोगों पर खुलेआम गुंडागर्दी, जातिसूचक गालियों के प्रयोग और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
नरेश सिंह के अनुसार, 27 जनवरी को उनके और उनकी पुत्री के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी, जिसके बाद उन्हें सीबीगंज थाने से संपर्क करने के निर्देश मिले।
पीड़ित का दावा है कि थाना स्तर पर उन्हें केवल आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया और कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नरेश सिंह ने बताया कि जब उन्होंने अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू कराया, तभी कुछ दबंग किस्म के लोग मौके पर पहुंचे और मजदूरों को धमकाकर भगा दिया।
आरोप है कि इस दौरान मारपीट और गाली-गलौज भी की गई, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।
पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद वह दोबारा थाने पहुंचे, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय पुलिस की चुप्पी देखने को मिली। उनका आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता से दबंगों के हौसले और बढ़ गए हैं।
मामला उजागर होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह की घटना ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
नरेश सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य से निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाता है या फिर यह मामला भी औपचारिकताओं में ही सिमट कर रह जाएगा।