
उत्तरायणी मेले में नहीं पहुंचे सीएम धामी, बरेली दौरा अचानक स्थगित
सीएम के बिना शुरू हुआ उत्तरायणी मेला, लोकसंस्कृति के रंग में रंगा बरेली क्लब मैदान
सीएम धामी का कार्यक्रम टला, उत्तरायणी मेले में फिर भी दिखी उत्तराखंड की सांस्कृतिक छटा
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। बरेली क्लब मैदान में मंगलवार से शुरू हुए 30वें उत्तरायणी मेले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रस्तावित दौरा अंतिम समय में स्थगित हो गया। मुख्यमंत्री के न पहुंच पाने के कारण मेले का औपचारिक उद्घाटन तय कार्यक्रम के अनुसार नहीं हो सका, लेकिन इससे मेले की रौनक पर कोई असर नहीं पड़ा। तीन दिवसीय यह सांस्कृतिक आयोजन 13, 14 और 15 जनवरी तक अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत जारी रहेगा।
उत्तरायणी जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित इस मेले में उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक खानपान, वेशभूषा और लोककलाओं की सुंदर झलक देखने को मिल रही है। समिति के अध्यक्ष अमित पंत, महामंत्री मनोज पांडेय और कोषाध्यक्ष कमलेश बिष्ट ने बताया कि आम लोगों के लिए मेले में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है। मेला प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुलेगा।

उद्घाटन कार्यक्रम से पहले महापौर उमेश गौतम ने कोतवाली से रंगयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रंगयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए मेला स्थल तक पहुंची। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकार, ढोल-दमाऊं की गूंज और लोकनृत्य लोगों के लिए खास आकर्षण बने।
आयोजकों के अनुसार, मेले के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। वहीं शाम के सत्र में डीडीहाट (पिथौरागढ़) के विधायक विशन सिंह चुफाल दीप प्रज्ज्वलन करेंगे। मेले के अंतिम दिन महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और नैनीताल सांसद अजय भट्ट के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
सांस्कृतिक प्रभारी पूरन दानू ने बताया कि इस बार उत्तराखंड सरकार की ओर से छह सांस्कृतिक दल मेले में अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं, जिससे उत्तराखंड की लोकपरंपराओं को जीवंत रूप में देखा जा सकता है। मेला प्रभारी चंदन नेगी, प्रकाश पाठक और कैप्टन शेर सिंह अपनी टीम के साथ आयोजन को सफल और यादगार बनाने में जुटे हुए हैं।