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100 करोड़ की GST चोरी में अब बड़े चेहरों पर शिकंजा, सोबती की दो फर्में रडार पर

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100 करोड़ की GST चोरी में अब बड़े चेहरों पर शिकंजा, सोबती की दो फर्में रडार पर

फर्जी बिलों से करोड़ों का खेल! ‘लास्ट बेनिफिशियरी’ तक पहुंची SIT, गिरफ्तारी की तैयारी

नेपाल से खुले GST सिंडिकेट के राज, 17 फर्मों पर नजर; अब असली लाभार्थियों की बारी

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता 

 

बरेली। फर्जी फर्मों और बोगस बिलिंग के सहारे 100 करोड़ रुपये से अधिक की कथित GST और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) चोरी के मामले में जांच अब सिंडिकेट की कथित अंतिम कड़ियों तक पहुंच गई है। पुलिस के मुताबिक, जांच में सोबती इंफ्रा और सोबती इंफ्राटेक समेत कई फर्मों के नाम कथित ‘लास्ट बेनिफिशियरी’ के तौर पर सामने आए हैं। SIT अब इन फर्मों से जुड़े कारोबारियों और लाभार्थियों की भूमिका खंगाल रही है। जांच में आपराधिक संलिप्तता के प्रमाण मिलने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की तैयारी बताई जा रही है।

फर्जी फर्मों की सीढ़ी चढ़कर पहुंचता था करोड़ों का ITC

पुलिस के अनुसार, कथित सिंडिकेट कागजों पर फर्जी फर्में तैयार करता था। इन फर्मों के नाम से बिल काटे जाते और बोगस ITC को कई स्तरों पर आगे बढ़ाया जाता था। आरोप है कि आखिर में यही टैक्स क्रेडिट वास्तविक कारोबार करने वाली फर्मों तक पहुंचता था। इसी प्रक्रिया से सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है।

अब SIT ने केवल फर्जी फर्म बनाने और बिल जारी करने वालों तक जांच सीमित न रखते हुए उन कारोबारियों तक नजरें पहुंचा दी हैं, जिन्हें इस नेटवर्क का कथित अंतिम लाभार्थी माना जा रहा है।

करीब 17 फर्मों के नाम जांच में, सोबती की दो कंपनियां भी घेरे में

पुलिस के मुताबिक, कथित लास्ट बेनिफिशियरी फर्मों की सूची में एनडी रेलवे एमएस रोड, सोबती इंफ्रा, सोबती इंफ्राटेक, पावर एंड कंस्ट्रक्शन, यसी इंटरप्राइजेज, पेंटा स्टार, मीना गुप्ता, श्री नाथजी इंटरप्राइजेज, नाइट स्टार और आर्ट लाइफ समेत करीब 17 फर्मों के नाम सामने आए हैं।

SIT इन फर्मों के लेनदेन, बिलिंग पैटर्न और हासिल किए गए ITC का रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में भूमिका सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल में ‘संदीप’ बनकर छिपा था फुरकान, ऐप से चलता था बिलों का खेल

मामले की कई परतें फुरकान हाशमी की गिरफ्तारी के बाद खुलने की बात पुलिस ने कही है। किला क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी फुरकान मुकदमा दर्ज होने के बाद नेपाल चला गया था। पुलिस के अनुसार वहां उसने कथित तौर पर ‘संदीप’ नाम से पहचान छिपाई और एक ऐप के माध्यम से अपने साथियों तक फर्जी बिल पहुंचाता रहा।

फुरकान से पूछताछ के बाद पुलिस को नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्मों के बारे में अहम जानकारी मिलने का दावा किया गया है।

सागर अग्रवाल को बताया अहम कड़ी, चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस जांच में इज्जतनगर के कर्मचारी नगर निवासी सागर अग्रवाल का नाम भी सामने आया। पुलिस के मुताबिक, वह कथित तौर पर फर्जी फर्म उपलब्ध कराने और वास्तविक कंपनियों के बीच बोगस ITC ट्रांसफर कराने की महत्वपूर्ण कड़ी था।

पूछताछ में कुतुबखाना निवासी विनीत अरोड़ा, खैरुल्ला गली निवासी अनुज अग्रवाल और नीम की चढ़ाई निवासी शिवम उर्फ लाला समेत अन्य लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है। पुलिस सागर अग्रवाल, विनीत अरोड़ा, अनुज अग्रवाल और शिवम उर्फ लाला को गिरफ्तार कर चुकी है।

सात आरोपी जेल में, छह की तलाशपुलिस के अनुसार, मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें पहले गिरफ्तार किए गए सद्दाम हुसैन और मोहम्मद समद उर्फ शाहरुख भी शामिल हैं। वहीं सैय्यद सैफ, शाजिज, आसिफ, तौसिफ, फिरोज और फम्मी उर्फ फराज की तलाश जारी बताई जा रही है।पुराने GST रिकॉर्ड भी खोल रही SITजांच का दायरा पुराने वित्तीय लेनदेन और GST रिकॉर्ड तक भी पहुंच गया है। पुलिस के मुताबिक, कुछ फर्मों की पुरानी बिलिंग और पूर्व में हुई GST जांच से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।पेंटा स्टार फर्म की वर्ष 2021-22 और 2022-23 की करीब सवा करोड़ रुपये की कथित फर्जी बिलिंग से जुड़े मामले की भी पड़ताल हो रही है। इस प्रकरण में पूर्व में केंद्रीय GST स्तर पर जांच और ITC ब्लॉक किए जाने की बात सामने आई थी।

पेशेवर मददगार भी रडार परइतने बड़े नेटवर्क को खड़ा करने में किन लोगों ने तकनीकी, वित्तीय या पेशेवर मदद की, SIT इसकी भी पड़ताल कर रही है। पुलिस के अनुसार शहर के कुछ पेशेवर लोगों की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।पिछले वर्ष GST अधिकारियों की ओर से किला थाने में फर्जी फर्मों के जरिये टैक्स चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन SSP अनुराग आर्य ने जांच SIT को सौंपी थी। अब जांच कथित ‘लास्ट बेनिफिशियरी’ तक पहुंचने के बाद इस मामले में आने वाले दिनों में और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

 

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta

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