ट्रेंडिंग स्टोरी
विज्ञापन

आयुष्मान मरीज से लाखों की वसूली ने डुबोया सनराइज अस्पताल! सरकार ने दिखाई सख्ती, योजना से किया बाहर

Spread the love

 

आयुष्मान मरीज से लाखों की वसूली ने डुबोया सनराइज अस्पताल! सरकार ने दिखाई सख्ती, योजना से किया बाहर

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। आयुष्मान भारत योजना के नाम पर मरीज से लाखों रुपये की कथित अवैध वसूली आखिरकार सनराइज अस्पताल पर भारी पड़ गई। लंबे समय से विवादों में घिरे अस्पताल पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उसे आयुष्मान भारत योजना से डिपैनल (सूची से बाहर) कर दिया गया है। अब अस्पताल में आयुष्मान कार्डधारकों का मुफ्त इलाज नहीं हो सकेगा।

मामला उस समय तूल पकड़ गया जब झिंगरी गांव निवासी उर्वेश यादव को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड अपने पास रखने के बावजूद इलाज के नाम पर पांच लाख रुपये से अधिक की रकम वसूल ली। इतना ही नहीं, इलाज के दौरान अस्पताल स्टाफ के अभद्र व्यवहार और लापरवाही के भी आरोप लगे। छह दिन बाद मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत प्रशासन से की।

शिकायत के बाद गठित जांच समिति ने अस्पताल के रिकॉर्ड और इलाज की प्रक्रिया की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि अस्पताल ने योजना के नियमों की अनदेखी करते हुए आयुष्मान मरीज से पैसे लिए और विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध न होने के बावजूद भर्ती कर इलाज किया। जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद रिपोर्ट कार्यदायी संस्था साचिज को भेजी गई।

रिपोर्ट मिलते ही साचिज ने कड़ा फैसला लेते हुए सनराइज अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना से बाहर का रास्ता दिखा दिया। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि अब अस्पताल योजना के तहत किसी भी पात्र मरीज का कैशलेस इलाज नहीं कर सकेगा।

इस कार्रवाई को आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वाले निजी अस्पतालों के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी साफ संकेत दिए हैं कि गरीब मरीजों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले अस्पतालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta