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यूपी के डिप्टी सीएम तक पहुंचा मामला, वायरल वीडियो ने खोली अस्पताल व्यवस्था की पोल, देखें वायरल वीडिओ 

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यूपी के डिप्टी सीएम तक पहुंचा मामला, वायरल वीडियो ने खोली अस्पताल व्यवस्था की पोल, देखें वायरल वीडिओ 

ठेले पर पत्नी को ले जाता बुजुर्ग, वीडियो वायरल होते ही हिला स्वास्थ्य महकमा

जिला अस्पताल की बदहाली उजागर, CCTV फुटेज से खुलेगी लापरवाही की परत

इलाज नहीं मिला तो ठेले पर घर ले गया पत्नी को, अब अफसरों पर गिरी गाज

तीन दिन भर्ती रही महिला, फिर ठेले पर अस्पताल से निकल गया पति, जांच शुरू

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता 

बरेली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी से बीमार पत्नी को ठेले पर लिटाकर ले जाते बुजुर्ग का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले ने तूल पकड़ा तो जिला प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक जांच के आदेश दे दिए गए। जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जबकि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

बताया जा रहा है कि महिला पिछले तीन दिनों से जिला अस्पताल के फीमेल वार्ड में भर्ती थी। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया था। आरोप है कि इसी दौरान बुजुर्ग पति इलाज और व्यवस्थाओं से परेशान होकर पत्नी को ठेले पर लिटाकर अस्पताल से निकल गया। किसी कर्मचारी ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। प्रभारी एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित ने बताया कि मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई है। जांच टीम उस समय ड्यूटी पर मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय से पूछताछ करेगी। साथ ही अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किन परिस्थितियों में बुजुर्ग को ऐसा कदम उठाना पड़ा।

सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि महिला मरीज के अस्पताल छोड़कर जाने की सूचना किसी भी कर्मचारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी वायरल वीडियो के जरिए मिली। इससे अस्पताल की निगरानी व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले को गंभीर बताते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। शासन स्तर पर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।

उधर मामला सुर्खियों में आने के बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अचानक सफाई अभियान शुरू कर दिया गया। वार्डों की साफ-सफाई कराई गई, पंखों पर जमी धूल हटाई गई और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी गई। माना जा रहा है कि अधिकारियों के संभावित निरीक्षण को देखते हुए अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ है।

👆वायरल वीडियो👆

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta