
महिला आरक्षण पर गरजे डिप्टी सीएम, विपक्ष को दी सियासी चेतावनी, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के विरोधियों का तय है अब सियासी सूर्यास्त: केशव मौर्य
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को बरेली में आयोजित प्रेस वार्ता में महिला आरक्षण को लेकर विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन न करने पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके की कड़ी आलोचना की।
मौर्य ने कहा कि संसद के विशेष सत्र में देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देने का ऐतिहासिक मौका था, लेकिन विपक्ष ने इसका समर्थन नहीं कर लोकतंत्र को आहत किया। उन्होंने इसे ‘लोकतंत्र का काला दिन’ बताते हुए कहा कि महिला विरोधी रुख अपनाने वाले दलों को जनता आने वाले चुनावों में सबक सिखाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया। उन्होंने अखिलेश यादव और गांधी परिवार का नाम लेते हुए कहा कि ये दल केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही आगे बढ़ाना चाहते हैं, जबकि आम महिलाओं के अधिकारों की बात आने पर पीछे हट जाते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर सदन में भाजपा के पास कुछ और सांसद होते, तो महिला आरक्षण के लिए विपक्ष पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती। मौर्य ने दोहराया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब महिलाएं अपने वोट की ताकत से ऐसे दलों को सत्ता से बाहर करेंगी। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में बदलाव की पटकथा लिखी जा चुकी है और उसका असर 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी दिखेगा।
2027 के चुनाव को लेकर जब उनसे पूछा गया कि क्या चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर मौर्य ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में शांति और सुशासन का माहौल है। उन्होंने विपक्षी शासनकाल को ‘गुंडाराज’ बताते हुए कहा कि अब अपराधियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। हरदोई जैसे मामलों पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों, कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा, जब महिलाओं को पूरी भागीदारी और सशक्तिकरण मिलेगा।
प्रेस वार्ता में प्रदेश सरकार के मंत्री अरुण कुमार सक्सेना, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य समेत कई जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।