नोएडा में श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन: सेक्टर-121 बना रणक्षेत्र, पुलिस पर पथराव

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नोएडा में श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन: सेक्टर-121 बना रणक्षेत्र, पुलिस पर पथराव

बसों में आगजनी और तोड़फोड़ से हड़कंप, कई पुलिसकर्मी घायल

“11 हजार नहीं, 20 हजार चाहिए” के नारों से गूंजा औद्योगिक क्षेत्र

भारी पुलिस बल तैनात, डीएम-सीपी की शांति की अपील

रिपोर्ट : नोएडा ब्यूरो

नोएडा ! उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिकों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी उग्र रूप में सामने आया। मंगलवार को सेक्टर-121, 70 और 80 सहित कई इलाकों में हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और वाहनों पर पथराव किया, जबकि कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। हालात इतने बिगड़ गए कि कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और पूरा इलाका मानो रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।

बताया जा रहा है कि सेक्टर-121 में बड़ी संख्या में जुटे श्रमिक अचानक आक्रोशित हो उठे और पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती देख पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी। वहीं सेक्टर-70 में भी प्रदर्शन के दौरान झड़पें हुईं, जबकि सेक्टर-80 में पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़कर स्थिति काबू में की।

वेतन कटौती के डर ने भड़काया गुस्सा

सेक्टर-63 स्थित एक फैक्ट्री के बाहर भी मजदूरों की भारी भीड़ जुटी। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा 15 अप्रैल तक छुट्टी का नोटिस जारी किए जाने के बाद श्रमिकों में वेतन कटने की आशंका पैदा हो गई। इसी डर के चलते वे गेट पर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंची पुलिस और पीएसी ने समझाइश देकर श्रमिकों को शांत कराया और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।

“20 हजार से कम मंजूर नहीं”

नोएडा फेज-2 में भी मजदूरों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये करने की मांग पर अड़े हुए हैं। “11 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस दौरान कई जगह पथराव की घटनाएं भी सामने आईं।

कंपनियों पर गंभीर आरोप

श्रमिकों का आरोप है कि कंपनियां जानबूझकर 9 महीने बाद कर्मचारियों को हटाकर दोबारा नियुक्त करती हैं, ताकि वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी न करनी पड़े। अप्रेंटिस के दौरान 90 रुपये प्रति घंटे का भुगतान किया जाता है, जो बाद में घटाकर 50 रुपये कर दिया जाता है। मजदूरों को यह भी आशंका है कि यदि सरकार की नई वेतन दरें लागू हुईं तो कंपनियां छंटनी कर सकती हैं।

कई सेक्टरों में हिंसा, औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित

प्रदर्शन का सबसे अधिक असर सेक्टर-60, 62, 63 और फेज-2 के औद्योगिक क्षेत्रों में देखने को मिला।

कार शोरूम और फैक्ट्रियों में तोड़फोड़

बसों में आगजनी

सेक्टर-63 थाने पर पथराव

पुलिस वाहनों को नुकसान

थाना प्रभारी अमित काकरान भी हालात संभालने के दौरान गिर पड़े।

श्रमिकों की प्रमुख मांगें………..

अकुशल श्रमिकों का वेतन 12 हजार और कुशल का 20 हजार

ओवरटाइम का दोगुना भुगतान

हर महीने की 10 तारीख तक वेतन

साप्ताहिक अवकाश

बोनस का समय पर भुगतान

सुरक्षित कार्य वातावरण

प्रशासन अलर्ट, भारी फोर्स तैनात……..

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं—

सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द

PAC और RAF की तैनाती

आसपास के जिलों से अतिरिक्त बल बुलाया गया

सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी

पुलिस का कहना है कि हालात नियंत्रित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और कहीं भी फायरिंग नहीं की गई है।

शांति की अपील

जिलाधिकारी मेधा रूपम और पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं औद्योगिक संगठनों ने एहतियातन कई इकाइयों को बंद रखने का निर्णय लिया है।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta