दिनदहाड़े लूट से दहला बरेली: चाकू की नोक पर ₹10 हजार उड़ाए, पुलिस बनी मूकदर्शक!

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दिनदहाड़े लूट से दहला बरेली: चाकू की नोक पर ₹10 हजार उड़ाए, पुलिस बनी मूकदर्शक!

‘112 पर कॉल भी बेअसर’—लुटेरों के आगे बेबस सिस्टम, पीड़िता दर-दर भटकने को मजबूर

किला थाना सवालों के घेरे में: लूट के बाद भी कार्रवाई शून्य, चौकी इंचार्ज पर उठे गंभीर सवाल

खौफ में जी रहा परिवार: लुटेरों की धमकी, पुलिस की चुप्पी ने बढ़ाई दहशत

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। थाना किला क्षेत्र में दिनदहाड़े चाकू की नोक पर लूट की वारदात ने लोगों को दहला दिया है। हैरानी की बात यह है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।

पीड़िता के मुताबिक, 20 मार्च 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे वह अपने जन सेवा केंद्र पर मौजूद थी। तभी तीन युवक अचानक वहां पहुंचे और पहले तो इधर-उधर का बहाना बनाकर माहौल भांपते रहे, फिर देखते ही देखते एक आरोपी ने चाकू निकाल लिया। चाकू की नोक पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई और जबरन ₹10,000 की नकदी लूटकर फरार हो गए।

घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची जरूर, लेकिन इसके बाद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं ही होती रहीं। पीड़िता का आरोप है कि कई बार थाने और चौकी के चक्कर लगाने के बावजूद न तो रिपोर्ट सही तरीके से दर्ज की गई और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चौकी इंचार्ज आनंद कुमार की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता का कहना है कि हर बार उसे टालमटोल कर दिया जाता है और मामले को हल्के में लिया जा रहा है। इससे यह संदेह भी गहराता जा रहा है कि कहीं आरोपियों को किसी प्रकार का संरक्षण तो नहीं मिल रहा।

इधर, लूट के बाद आरोपी लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे पीड़िता और उसका परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। सुरक्षा की मांग के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता ने हालात और भयावह बना दिए हैं।

स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर दिनदहाड़े इस तरह की वारदातें होंगी और पुलिस यूं ही हाथ पर हाथ धरे बैठी रहेगी, तो आम आदमी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा?

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta