25 साल का इंतजार खत्म: जेवर से उड़ेगा भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट सपना, स्विट्जरलैंड जैसा होगा नजारा

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25 साल का इंतजार खत्म: जेवर से उड़ेगा भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट सपना, स्विट्जरलैंड जैसा होगा नजारा

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: 25 साल का इंतजार खत्म, अब उड़ान को तैयार ‘सुपर हब’

रिपोर्ट : नोएडा ब्यूरो

नोएडा। करीब ढाई दशक पहले देखे गए सपने को आखिरकार पंख लगने जा रहे हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण तैयार हो चुका है और 28 मार्च को प्रधानमंत्री Narendra Modi इसके उद्घाटन के साथ इसे देश को समर्पित करेंगे। उद्घाटन के बाद यहां से देश के प्रमुख शहरों के लिए नियमित उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव साल 2001 में उस समय के मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने रखी थी। कई अड़चनों और स्थान बदलने की चर्चाओं के बीच यह योजना वर्षों तक अटकी रही, लेकिन 2014 के बाद इसे नई गति मिली और अब यह हकीकत बन चुकी है।

एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की ओर

करीब 5100 हेक्टेयर में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट पूर्ण रूप से तैयार होने पर एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। आकार के मामले में यह Indira Gandhi International Airport से लगभग ढाई गुना बड़ा होगा। फिलहाल पहले चरण में 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्माण पूरा कर लिया गया है।

पर्यावरण के लिहाज से भी खास……..

यह देश का पहला “नेट जीरो कार्बन” एयरपोर्ट बनने की दिशा में बढ़ रहा है। यहां ऊर्जा की जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर और पवन ऊर्जा से पूरा किया जाएगा। टाटा पावर के सहयोग से लगे सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू भी हो चुका है। एयरपोर्ट परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर रहेगा, जिससे प्रदूषण न्यूनतम रहेगा।

कोहरे में भी नहीं रुकेगी उड़ान…….

जेवर एयरपोर्ट को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। रनवे पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) जैसी सुविधाएं हैं, जिससे घने कोहरे या खराब मौसम में भी विमान आसानी से उतर सकेंगे। कम विजिबिलिटी (करीब 50 मीटर) में भी ऑपरेशन जारी रखने की क्षमता इसे खास बनाती है।

कार्गो और मेंटेनेंस का बड़ा केंद्र…….

यह एयरपोर्ट सिर्फ यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा। यहां मल्टी-मॉडल कार्गो हब, मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा।

पहले चरण में इन शहरों से कनेक्टिविटी….

शुरुआती दौर में वाराणसी, लखनऊ, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, पटना, श्रीनगर समेत कई शहरों के लिए उड़ानें प्रस्तावित हैं। इंडिगो, आकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस ने संचालन में रुचि दिखाई है। अनुमान है कि शुरुआत में रोजाना करीब 150 उड़ानें संचालित होंगी।

CISF संभालेगी सुरक्षा…….

एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ को दी गई है। पहले चरण में 1000 से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहेगी।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta