सहारा सिटी खाली, ‘व्हाइट हाउस’ से निकल रहा खजाना… अब यहां बनेगी नई विधानसभा!

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सहारा सिटी खाली, ‘व्हाइट हाउस’ से निकल रहा खजाना… अब यहां बनेगी नई विधानसभा!

स्वप्ना कुटी से सामान शिफ्ट, 170 एकड़ पर सरकार की नजर—लखनऊ में बड़ा बदलाव तय

सहारा सहर पर सरकार का कब्जा, करोड़ों की चोरी के बीच विधानसभा निर्माण की तैयारी तेज

पिस्टल से पीकदान तक चोरी, सहारा सिटी में हलचल—अब सियासी राजधानी बनेगा ये इलाका

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

लखनऊ। गोमतीनगर स्थित चर्चित सहारा सिटी इन दिनों सुर्खियों में है। कभी शानो-शौकत और रहस्यमयी गतिविधियों के लिए पहचानी जाने वाली यह आलीशान टाउनशिप अब खाली कराई जा रही है। बीते कुछ दिनों से परिसर के अंदर ट्रकों और बड़े वाहनों की लगातार आवाजाही ने हलचल बढ़ा दी है।

सूत्रों के मुताबिक, सहारा समूह के दिवंगत प्रमुख सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना रॉय भी अपनी आलीशान कोठी ‘स्वप्ना कुटी’ (जिसे ‘व्हाइट हाउस’ कहा जाता है) से कीमती सामान निकलवा रही हैं। महंगे फर्नीचर, गहने, घड़ियां, लग्जरी वाहन और लॉकर तेजी से बाहर भेजे जा रहे हैं।

प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं—एक बार जो सामान बाहर गया, उसे दोबारा अंदर नहीं आने दिया जाएगा। साथ ही सहारा प्रबंधन से जुड़े लोगों की एंट्री भी सीमित कर दी गई है। यह पूरी कार्रवाई लखनऊ नगर निगम के निर्देश पर की जा रही है।

अब यहां बनेगी नई विधानसभा

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सहारा सिटी की लीज खत्म करने के फैसले को सही ठहराया है। इसके बाद यह जमीन नगर निगम के कब्जे में आ गई है। अब इस 170 एकड़ के विशाल इलाके पर नई विधानसभा बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

करोड़ों की चोरी ने बढ़ाई सनसनी

इसी बीच सहारा सिटी में हाल ही में हुई करोड़ों की चोरी ने मामले को और गर्मा दिया है। चोरी गए सामान में पिस्टल, कारतूस, महंगी घड़ियां, कैमरे, टीवी, मोबाइल, वाहन और चांदी के बर्तन तक शामिल हैं।

मामले में स्पेशल टास्क फोर्स ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों के गिरोह का खुलासा कर कुछ सामान बरामद भी किया है। जांच एजेंसियों को शक है कि इतनी बड़ी चोरी बिना अंदरूनी मदद के संभव नहीं थी, क्योंकि इतने बड़े परिसर में सटीक लोकेशन जानना आसान नहीं

रात में रेकी, सुरक्षा बढ़ी

जांच में यह भी सामने आया कि सील होने के बावजूद कुछ लोग रात के अंधेरे में परिसर की रेकी कर रहे थे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ऐसे लोगों को कड़ी फटकार लगाई। अब सुरक्षा बढ़ा दी गई है और गार्डों की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी है।

पुराना विवाद, अब खत्म

सहारा सिटी की जमीन का विवाद काफी पुराना रहा है। नगर निगम ने लीज की शर्तों के उल्लंघन और अवधि पूरी होने का हवाला देते हुए 6 अक्टूबर को कब्जा ले लिया था। सहारा प्रबंधन ने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 16 मार्च को वहां से भी राहत नहीं मिली।

1994 से शुरू हुई कहानी

साल 1994 में सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड को यह जमीन आवासीय योजना के लिए दी गई थी। योजना के तहत 130 एकड़ में कॉलोनी और 40 एकड़ में ग्रीन बेल्ट विकसित की जानी थी। अब उसी जमीन पर सरकार की नजर है और यहां सियासत का नया केंद्र बनाने की तैयारी तेज हो गई है।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta