
भैंसागाड़ी पर निकले ‘लाट साहब’, जूते-चप्पलों की बौछार में झूम उठा शहर
रंग, हुड़दंग और परंपरा का संगम — सुरक्षा के बीच सकुशल संपन्न हुआ अनोखा जुलूस
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
शाहजहांपुर। होली के रंग में रंगे शहर में बुधवार को सदियों पुरानी परंपरा के तहत ‘लाट साहब’ का अनोखा जुलूस पूरे उत्साह के साथ निकाला गया। भैंसागाड़ी पर सवार लाट साहब जैसे ही शहर की सड़कों पर निकले, वैसे ही रंग-गुलाल और जूते-चप्पलों की बौछार के बीच माहौल पूरी तरह होलियाना हो गया।
सुबह करीब नौ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाट साहब को भैंसागाड़ी पर बैठाकर रवाना किया गया। अर्धसैनिक बल के जवान चारों ओर से सुरक्षा घेरे में मौजूद रहे। जुलूस चौक कोतवाली पहुंचा, जहां पारंपरिक सलामी दी गई।
आयोजन को देखते हुए मंडलायुक्त और बरेली रेंज के डीआईजी ने भी शहर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
मंदिर में मत्था टेककर लिया आशीर्वाद
जुलूस चौक, किला, केरुगंज, छाया कुआं, अंटा चौराहा, खिरनीबाग और सदर बाजार होते हुए बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचा। यहां लाट साहब ने विधिवत शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद जुलूस शहीद पार्क, एसपी कॉलेज, घंटाघर और बंगला सरोदी मार्ग से होता हुआ पुनः चौक कोतवाली पहुंचकर संपन्न हुआ।
रास्ते भर परंपरा के मुताबिक कई स्थानों पर लाट साहब का रंग-गुलाल और जूते-चप्पलों से ‘स्वागत’ किया गया। हुलियारों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते हुए उत्सव का आनंद लिया। कई जगहों पर फूलों की वर्षा कर जुलूस का अभिनंदन किया गया।
छोटे लाट साहब का भी जुलूस
आरसी मिशन क्षेत्र से छोटे लाट साहब का जुलूस ट्रैक्टर-ट्रॉली पर शांतिपूर्वक निकाला गया। वहीं जलालनगर बजरिया में हुरियारों ने जमकर डांस किया। पुवायां के बड़ा गांव में लाट साहब को गधे पर बैठाकर घुमाने की परंपरा निभाई गई।
पूरे आयोजन की निगरानी कंट्रोल रूम से डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और एसपी राजेश द्विवेदी ने की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह पारंपरिक और अनोखा जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
