
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने देखा कैंट का बदलता चेहरा, विकास कार्यों की सराहना
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। कैंट क्षेत्र में हो रहे विकास कार्य अब जमीन पर नजर आने लगे हैं। शुक्रवार देर शाम झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कैंट इलाके का दौरा कर चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने धोपेश्वरनाथ मंदिर और नए स्वरूप में विकसित हो रहे धोपा चौक का जायजा लिया और कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया।
सीईओ ने पेश किया विकास का खाका
काफिला जैसे ही कैंटोनमेंट बोर्ड परिसर पहुंचा, बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। सड़कों के चौड़ीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।
राज्यपाल ने रिपोर्ट सुनने के साथ-साथ स्थलीय निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों से प्रगति के बारे में सवाल-जवाब किए।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का असर सिर्फ फाइलों तक सीमित न रहकर आमजन को महसूस होना चाहिए। कैंट क्षेत्र में हो रहे बदलाव इसी दिशा में सकारात्मक संकेत देते हैं। उन्होंने साफ-सफाई और सड़क सुधार कार्यों की विशेष रूप से सराहना की।
धोपेश्वरनाथ मंदिर और धोपा चौक बना आकर्षण का केंद्र
दौरे में राज्यपाल के साथ प्रमुख सचिव आलोक पाण्डेय भी मौजूद रहे। दोनों ने धोपेश्वरनाथ मंदिर परिसर में हुए सौंदर्यीकरण और संरक्षण कार्यों को देखा। मंदिर परिसर में किए गए सुधारों से आस्था और धरोहर संरक्षण का संतुलित रूप दिखाई दिया।
वहीं, आधुनिक स्वरूप में सजे धोपा चौक ने भी ध्यान खींचा। चौक पर विकसित नई संरचना, सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयासों को सराहा गया। परंपरा और आधुनिकता का यह मेल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
नेतृत्व की तारीफ, आगे की रणनीति पर चर्चा
राज्यपाल ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। कैंट क्षेत्र में यह संतुलन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में चल रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह मॉडल अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। दौरे के अंत में भविष्य की योजनाओं और आगामी परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कैंट बोर्ड की ओर से अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।