
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा ऐलान: 25 दिन में बनेगी नई राष्ट्रीय पार्टी
बीजेपी पर तीखा हमला, बोले—‘व्यवस्था से जनता का भरोसा टूटा’
SC-ST एक्ट, रुचि तिवारी प्रकरण और अपस्टाइन फाइल्स पर सरकार को घेरा
रिपोर्ट: सौरभ गुप्ता
बरेली। पीसीएस सेवा से इस्तीफा देने के बाद सुर्खियों में आए बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री रविवार को शहर पहुंचे। कैंट क्षेत्र स्थित परशुराम धाम मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में नई राजनीतिक पारी की घोषणा कर दी।
मंदिर परिसर में समर्थकों की भीड़ जुटी रही। फूल-मालाओं से स्वागत के बीच अग्निहोत्री ने संकेत दिया कि वे जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे।
20-25 दिन में होगा औपचारिक ऐलान
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था आम जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही है। ऐसे में एक नए विकल्प की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से परामर्श लेकर पार्टी का नाम, संविधान और प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
उनके अनुसार अगले 20 से 25 दिनों के भीतर भारत निर्वाचन आयोग में पंजीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
बीजेपी पर साधा निशाना
पूर्व अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी की पकड़ अब कमजोर पड़ रही है। उनका दावा है कि हाल ही में जारी की गई ईमेल आईडी पर बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन आए हैं, जो भाजपा से जुड़े लोगों के बताए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी सिर्फ भावनात्मक मुद्दों के सहारे चुनाव जीतने की रणनीति अपनाती रही है।
SC-ST एक्ट पर सरकार को घेरा
अलंकार अग्निहोत्री ने 2018 के सुभाष काशीनाथ महाजन मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी से पहले जांच और अग्रिम जमानत जैसे प्रावधानों की व्यवस्था दी थी, लेकिन बाद में कानून में संशोधन कर धारा 18ए जोड़ दी गई।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव से सामान्य और ओबीसी वर्ग में असंतोष की भावना पैदा हुई है।
सामाजिक मुद्दों पर भी रखी राय
रुचि तिवारी प्रकरण पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा प्रश्न है और समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित अपस्टाइन फाइल्स का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों में ऐसे मामलों पर जवाबदेही तय होती है, जबकि भारत में कई बार सच्चाई सामने आने में बाधाएं आती हैं।
‘खामोशी से बदलाव नहीं आता’
पूर्व पीसीएस अधिकारी ने कहा कि समाज के शिक्षित और जिम्मेदार वर्ग को अन्याय के खिलाफ मुखर होना चाहिए। उनका कहना था कि अगर लोग संगठित होकर आवाज उठाएं तो व्यवस्था में बदलाव संभव है।
जिले में बढ़ी राजनीतिक हलचल
अलंकार अग्निहोत्री के इस ऐलान के बाद जिले की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समर्थकों में उत्साह नजर आया, जबकि राजनीतिक हलकों में उनकी प्रस्तावित पार्टी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अब निगाहें उनके अगले कदम और पार्टी की औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं।