
लखनऊ में सियासी धमाका: सपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी
नसीमुद्दीन की ‘साइकिल’ पर एंट्री से यूपी की सियासत गरम, अखिलेश का विरोधियों पर तंज
साइकिल पर सवार हुए नसीमुद्दीन, अखिलेश ने विरोधियों पर साधा निशाना
मुस्लिम चेहरे की एंट्री से सपा को मजबूती, अखिलेश का सरकार पर बड़ा हमला
‘पार्टी मजबूत तो प्रदेश मजबूत’— सपा जॉइन करते ही नसीमुद्दीन का बड़ा बयान
रिपोर्ट : लखनऊ ब्यूरो
लखनऊ ! राजधानी लखनऊ में रविवार को उस वक्त सियासी तापमान बढ़ गया, जब नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने औपचारिक तौर पर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्हें सदस्यता दिलाई गई। उनके साथ तीन महिला नेताओं समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की।
राजनीतिक गलियारों में पहले से उनके सपा में शामिल होने की चर्चा थी, जिस पर आज आधिकारिक मुहर लग गई।
पुराने रिश्तों का हवाला, संगठन मजबूत करने का दावा
सदस्यता लेने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि उनके और अखिलेश यादव के संबंध लंबे समय से मधुर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में काम करेंगे और वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करेंगे।
उन्होंने कहा……….
“जब पार्टी मजबूत होती है तो संगठन मजबूत होता है, संगठन मजबूत होगा तो प्रदेश मजबूत होगा और प्रदेश मजबूत होगा तो समाज मजबूत होगा।”
सपा सरकार की योजनाओं का जिक्र….
अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व सपा सरकार की योजनाओं को याद किया। बेरोजगारी भत्ता, छात्रों को लैपटॉप वितरण और युवाओं को रोजगार जैसे मुद्दों को उन्होंने सपा की उपलब्धि बताया। साथ ही मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि आज युवाओं के लिए नौकरी पाना कठिन होता जा रहा है।
अखिलेश यादव का तीखा हमला
कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने राजनीतिक विरोधियों पर चुटीले अंदाज में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नए साथियों के आने से पार्टी और मजबूत होगी।
सीएम शब्द पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आजकल इसका नया मतलब “करप्ट माउथ” हो गया है।
उन्होंने कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और जातीय जनगणना जैसे मुद्दों को भी उठाया। राफेल सौदे और पंचायत चुनाव में देरी को लेकर भी सवाल खड़े किए।
बदलेगा पश्चिम यूपी का सियासी समीकरण?
नसीमुद्दीन सिद्दीकी को उत्तर प्रदेश की राजनीति का अनुभवी चेहरा माना जाता है। पश्चिमी यूपी में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके सपा में आने से मुस्लिम वोट बैंक और सामाजिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है।

पार्टी को लंबे समय बाद एक सक्रिय और जमीनी मुस्लिम चेहरा मिला है, जिससे आगामी चुनावों में रणनीतिक बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
“नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सपा में एंट्री से यूपी की सियासत में हलचल, अखिलेश बोले – ‘सीएम का मतलब करप्ट माउथ!’”