
69000 शिक्षक भर्ती विवाद: गरीब अभ्यर्थियों को न्याय दो, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
शिक्षक कमी से बढ़ रहा अपराध? गरीब शक्ति दल का बड़ा आरोप, तत्काल नियुक्ति की मांग
SC/ST एक्ट के दुरुपयोग का आरोप, 69000 भर्ती के वंचित अभ्यर्थियों के समर्थन में उतरा संगठन
‘अशिक्षा से अपराध बढ़ रहा’—बरेली में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, गरीब शिक्षकों को नौकरी देने की मांग
शिक्षक कमी और भर्ती विवाद पर उठी आवाज, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। शिक्षक भर्ती और शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है। बुधवार को गरीब शक्ति दल के पदाधिकारियों ने 69000 शिक्षक भर्ती प्रकरण में वंचित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
संगठन के प्रमुख मनोज विकेट ने कहा कि देश में बढ़ते अपराधों के पीछे अशिक्षा एक बड़ा कारण है। उनका आरोप है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण समाज में शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा है, जिसका असर सामाजिक ताने-बाने पर पड़ रहा है।
‘विशेष जांच दल बने’ की मांग…..
ज्ञापन में मांग की गई है कि देश में दर्ज होने वाले झूठे मुकदमों और कथित पूर्वाग्रहों की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस से अलग एक स्वतंत्र विशेष जांच दल (एसआईटी) या न्यायिक एजेंसी का गठन किया जाए। संगठन का कहना है कि कई मामलों में विवेचना की प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं।
69000 शिक्षक भर्ती प्रकरण का जिक्र….
संगठन ने उत्तर प्रदेश के 69000 शिक्षक भर्ती मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर कई अभ्यर्थी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर नहीं कर पाए। ऐसे अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
मनोज विकेट ने कहा कि सरकार को ऐसे अभ्यर्थियों का सर्वे कराकर उनकी स्थिति का आकलन करना चाहिए और न्यायोचित समाधान निकालना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल……
ज्ञापन में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश में अशिक्षित आबादी की संख्या करोड़ों में है। सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक होने के बावजूद शिक्षकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। संगठन का तर्क है कि यदि समय रहते शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो शिक्षा व्यवस्था और प्रभावित हो सकती है।
ज्ञापन देने वालों में ये रहे शामिल…….
ज्ञापन देने के दौरान मनोज विकेट, संजीव सागर, गिरीश चंद्र सक्सेना, संजय सक्सेना एडवोकेट, मुर्शिद, नूर्वी, मोहम्मद रफी, कंचन सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आगे व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
