
कर्ज चुकाया फिर भी नहीं मिली राहत: मार्बल कारोबारी से महीनों तक वसूली, दो पर मुकदमा दर्ज
ब्लैंक चेक बन गए फंदा: 20 लाख के कर्ज पर रंगदारी का जाल, SSP के आदेश पर फिर
‘इलाका हमारा है’ कहकर दबंगई: कर्ज के बाद भी 1.25 लाख महीना मांगते रहे आरोपी
दुकान कब्जाने और जान से मारने की धमकी: लॉकडाउन में लिया कर्ज बना मुसीबत
थाने में नहीं सुनी गई फरियाद, SSP की दखल से खुला मामला, रसूखदारों पर शिकंजा
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। लॉकडाउन की मार झेल रहे राजस्थान के एक मार्बल कारोबारी के लिए लिया गया कर्ज अब जानलेवा दबाव में बदल गया। आरोप है कि 20 लाख रुपये उधार लेने के बाद मूलधन और ब्याज चुकाने के बावजूद दो स्थानीय दबंग उससे हर महीने 1.25 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर दुकान पर कब्जा करने और जान से मारने की धमकी दी जाती रही। मामला अब एसएसपी की दखल के बाद मुकदमे तक पहुंच गया है।
राजस्थान के नागौर निवासी रिजवान अहमद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि कुछ वर्ष पूर्व मोहम्मद साजिद और इकबाल रजा नामक दो व्यक्ति उसकी दुकान पर आने लगे। वे खुद को इलाके का प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए कहते थे कि “यह हमारा क्षेत्र है, यहां वही होगा जो हम चाहेंगे।” इसी दबाव के बीच उन्होंने ब्याज पर रकम देने का प्रस्ताव रखा।
लॉकडाउन की मजबूरी और ब्लैंक चेक का खेल
कोरोना काल में कारोबार ठप होने पर रिजवान ने 20 लाख रुपये दो प्रतिशत मासिक ब्याज पर ले लिए। आरोप है कि बदले में आरोपियों ने पांच-पांच लाख रुपये के चार खाली चेकों पर हस्ताक्षर कराकर अपने पास रख लिए। यहीं से कथित वसूली का सिलसिला शुरू हो गया।
पीड़ित का कहना है कि जनवरी 2021 से उसने नियमित रूप से 1.25 लाख रुपये प्रति माह दिए और धीरे-धीरे पूरा कर्ज चुका दिया। इसके बावजूद आरोपी रकम मांगते रहे। जब ब्लैंक चेक लौटाने को कहा गया तो साफ इनकार कर दिया गया।
खुलेआम धमकी, अवैध असलहे का डर
रिजवान का आरोप है कि आरोपी दुकान पर पहुंचकर धमकी देते थे कि यदि मासिक रकम नहीं दी गई तो दुकान पर कब्जा कर लिया जाएगा। विरोध करने पर जान से मारने की चेतावनी दी जाती थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि दोनों के पास अवैध हथियार हैं, जिससे वह भयभीत है।
22 जनवरी 2026 की रात का जिक्र करते हुए पीड़ित ने बताया कि उसे घर बुलाकर दोबारा दबाव बनाया गया और धमकाया गया कि “अगर ज्यादा चालाकी की तो अंजाम बुरा होगा।” किसी तरह वह वहां से निकल सका।
थाने में नहीं हुई सुनवाई, SSP के हस्तक्षेप से दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित ने पहले थाना किला में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने का आरोप है। इसके बाद उसने सीधे एसएसपी अनुराग आर्य से मुलाकात की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना बारादरी में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुकदमा दर्ज होने की खबर से इलाके में हलचल तेज हो गई है।