
अखंड भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर मंथन, बरेली कॉलेज में एनएसएस का एक दिवसीय शिविर
राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने का आह्वान, बरेली कॉलेज में छात्राओं को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ
मातृभाषा और संस्कृति पर गर्व करें युवा: डॉ. विकास शर्मा
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। बरेली कॉलेज की छात्रा इकाइयों (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय) की ओर से बुधवार को द्वितीय एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और पुष्प अर्पित कर की गई।

शिविर के प्रथम सत्र में वाणिज्य विभाग के डॉ. विकास शर्मा ने ‘अखंड भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण उसके नागरिकों के व्यक्तित्व और सोच से होता है। यदि व्यक्ति सशक्त और जागरूक होगा तो राष्ट्र स्वतः सशक्त बन जाएगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें।

डॉ. शर्मा ने कहा कि जब हम अपनी व्यक्तिगत उन्नति से पहले देश के विकास के बारे में सोचते हैं तो व्यक्तिगत प्रगति अपने आप सुनिश्चित हो जाती है। उन्होंने मातृभाषा, संस्कृति और भारतीय मूल्यों के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हिंदी भाषा हमारा गौरव है और हमें इस पर गर्व करना चाहिए। सकारात्मक सोच, एकता और सामूहिक प्रयास से ही देश की अखंडता को बनाए रखा जा सकता है।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एनएसएस स्वयंसेवियों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान सभी वॉलिंटियर्स को नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमिता गुप्ता, डॉ. अजिता सिंह तिवारी, डॉ. शीतल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्राओं की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।