
बरेली से तीखी आलोचना यूपी बजट में किसान, मजदूर और छात्रों को शून्य लाभ, शबनम का तीखा हमला
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली! उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आज विधानसभा में पेश किए गए 9.12 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड बजट पर बरेली की सामाजिक संगठन ‘सबका हक़ ऑर्गेनाइजेशन’ की अध्यक्षा राफिया शबनम ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया कि इस बजट से किसान, मजदूर और छात्रों को कोई ठोस या सीधा लाभ नहीं मिला है।
राफिया शबनम ने कहा, योगी सरकार का यह बजट दिखावटी और चुनावी है। जहां एक तरफ सरकार बड़े-बड़े आंकड़े और घोषणाएं पेश कर रही है, वहीं असल मेहनतकश वर्ग किसान, मजदूर और छात्र को पूरी तरह अनदेखा किया गया है। किसानों के लिए कोई नई राहत, MSP की गारंटी या कर्ज माफी जैसी मांगें पूरी नहीं हुईं। मजदूरों के लिए लेबर अड्डे या विदेशी नौकरियां जैसी बातें कागजी ही साबित होंगी, क्योंकि जमीनी हकीकत में बेरोजगारी और शोषण जारी है। छात्रों को टैबलेट या स्कूटी जैसी योजनाएं चुनिंदा वर्ग तक सीमित हैं, आम छात्रों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता, फीस में राहत या रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं।
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा, यह बजट महिलाओं, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर पॉपुलिस्ट घोषणाओं से भरा पड़ा है, लेकिन गरीब, किसान, मजदूर और छात्रों की पीड़ा को नजरअंदाज किया गया है। सबका हक़ ऑर्गेनाइजेशन की ओर से हम मांग करते हैं कि सरकार इन वर्गों के लिए विशेष प्रावधान करे, अन्यथा यह बजट सिर्फ अमीरों और चुनावी फायदे के लिए ही साबित होगा।
गौरतलब है कि यूपी सरकार ने बजट में गन्ना मूल्य बढ़ोतरी, 40 लाख टैबलेट वितरण, मेधावी छात्राओं को स्कूटी, लेबर अड्डे और 10 लाख रोजगार जैसे दावे किए हैं, लेकिन राफिया शबनम का कहना है कि ये घोषणाएं ज्यादातर पुरानी योजनाओं का पुनरावृत्ति या सीमित लाभ वाली हैं, जो आम किसान-मजदूर-छात्र की समस्याओं का समाधान नहीं करतीं।