
पति के भरोसे का कत्ल: पत्नी ने प्रेमी भांजे संग मिलकर रेत दिया गला
इश्क और साजिश में डूबा खून, पत्नी ने प्रेमी भांजे संग रची पति की हत्या की पटकथा
अवैध रिश्ते की आग में जला परिवार, पत्नी ने रची पति की हत्या की साजिस
इश्क, शराब और खून: भांजे के प्यार में पत्नी बनी पति की कातिल
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
शाहजहांपुर। पुवायां थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव में सामने आया हत्या का मामला महज एक कत्ल नहीं, बल्कि रिश्तों की मर्यादा को रौंद देने वाली खौफनाक साजिश की कहानी है। 30 वर्षीय बलराम की निर्मम हत्या उसके ही घर के अंदर कर दी गई। धारदार हथियार से गला रेतकर उसे मौत के घाट उतारा गया। चारपाई, दीवारें और फर्श खून से सने मिले, जिसने वारदात की बेरहमी बयां कर दी।
शुरुआत में पुलिस को आशंका थी कि किसी बाहरी व्यक्ति ने वारदात को अंजाम दिया है, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, चौंकाने वाली सच्चाई सामने आती चली गई।
भाई की तहरीर से टूटा शक का जाल
मृतक के भाई ने थाने में तहरीर देकर बताया कि बलराम की पत्नी पूजा के अपने ही भांजे आदेश से अवैध संबंध थे। इसी रिश्ते को लेकर परिवार में पहले भी विवाद हुआ था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पूजा और आदेश को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों के बयान बार-बार बदलते रहे, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।
मदद के बहाने आया भांजा, बना प्रेमी
पुलिस जांच में सामने आया कि बलराम ने खेतों के बीच मकान बनवाया था। इसी दौरान उसका भांजा आदेश मामा की मदद के नाम पर गांव आया। यहीं पूजा और आदेश के बीच नाजायज संबंध बन गए। पूजा पहले भी तीन बार आदेश के साथ घर छोड़कर जा चुकी थी, लेकिन हर बार पंचायत के दबाव में वापस लौटी और पति को भरोसा दिलाती रही।
पति को हटाने की बनाई साजिश
पूजा ने पति को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था। वह छिपकर की-पैड मोबाइल से आदेश से संपर्क में थी। कॉल के जरिए हत्या की पूरी योजना तैयार की गई। पूजा ने आदेश पर दबाव बनाया कि वह बलराम की हत्या करे, नहीं तो खुद हत्या कर उसे फंसा देगी।
हाथ बांधकर उतारा मौत के घाट
28 जनवरी को योजना के अनुसार आदेश गांव पहुंचा। पूजा ने पहले बलराम के हाथ बांधे। इसी दौरान आदेश घर में घुसा और उसे पकड़ लिया। इसके बाद पूजा ने धारदार हथियार से खुद पति का गला रेत दिया। हत्या के बाद दोनों ने सबूत मिटाने की कोशिश की और आदेश वहां से निकल गया।
शराब पार्टी और तीसरा आरोपी
आदेश अपने गांव के रामचंद्र को साथ लाया था। रास्ते में देशी शराब खरीदी गई और दोनों ने शराब पी। हत्या के वक्त रामचंद्र बाइक के पास निगरानी करता रहा। पुलिस ने रामचंद्र को भी हत्या में सहयोगी माना है।
सबूत मिटाने की कोशिश, कॉल डिटेल्स ने खोला राज
वारदात के बाद पूजा ने मोबाइल तोड़कर फेंक दिया, ताकि कॉल रिकॉर्ड न मिल सके। लेकिन जांच में सामने आया कि 28 जनवरी को पूजा के नंबर से आदेश को कई बार कॉल की गई थी। हिरासत में आते ही दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। आदेश ने साफ कहा कि गला पूजा ने ही रेता।
मासूम भी बना सजा का गवाह
इस पूरे मामले का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि पूजा का डेढ़ साल का बेटा भी मां के साथ जेल गया। परिजन बच्चे को अपने पास रखना चाहते थे, लेकिन मां से अलग होते ही वह रोने लगा, जिसके बाद उसे भी साथ भेजना पड़ा।
रिश्तों की मर्यादा टूटी तो उजड़ गया घर
भटपुरा गांव की यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि जब अवैध संबंध हदें पार कर जाते हैं, तो उनका अंजाम सिर्फ विश्वासघात नहीं, बल्कि खून में डूबा होता है। बलराम का घर, जो कभी परिवार का सहारा था, साजिश का अड्डा और कत्लगाह बन गया।