डॉक्टर के बेटे-बेटी पर फेंके गए तेजाब मामले में न्याय की जीत, आरोपी युवाश को 20 साल कि सजा
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली। तेजाब हमले जैसे जघन्य और अमानवीय अपराध के खिलाफ सख़्त रुख अपनाते हुए अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में डॉक्टर के बेटे और बेटी पर तेजाब फेंकने के मामले में आरोपी युवांश को दोषी करार देते हुए अदालत ने 20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
यह सनसनीखेज घटना 26 सितंबर 2023 की है, जिसने पूरे बरेली शहर को झकझोर कर रख दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी युवांश ने पुरानी रंजिश और निजी कारणों के चलते डॉक्टर की बेटी और बेटे पर अचानक तेजाब से हमला कर दिया था। हमले में दोनों पीड़ित गंभीर रूप से झुलस गए थे।
घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां लंबे समय तक उनका इलाज चला। इस हमले ने पीड़ितों को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी गहरा आघात पहुंचाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ तेजाब हमला अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और चश्मदीद गवाहों के बयान अदालत में पेश किए।
लंबी सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी युवांश को दोषी पाया।
अपने फैसले में न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि तेजाब हमला समाज के लिए अत्यंत घातक अपराध है, और ऐसे अपराधों में कठोर सजा जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का कृत्य करने से पहले सौ बार सोचे।
अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं समाज को यह कड़ा संदेश भी मिला है कि महिलाओं और आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा करने वालों को कानून किसी भी कीमत पर बख्शने वाला नहीं है।