
यूजीसी विनियम 2026 के समर्थन में भीम आर्मी व आज़ाद समाज पार्टी का ज्ञापन
उच्च शिक्षा में समानता के लिए यूजीसी कानून लागू करने की मांग
जातिगत भेदभाव खत्म करने को यूजीसी विनियम जरूरी: अमर सिंह
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। भीम आर्मी एवं आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम लीगल सेल ने यूजीसी के नए विनियमों के समर्थन में गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। संगठन के मंडल अध्यक्ष अमर सिंह के नेतृत्व में यह ज्ञापन दिया गया, जिसमें यूजीसी के कानून को देशभर में प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई।
मंडल अध्यक्ष अमर सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से बनाए गए यूजीसी (उच्च शिक्षण संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम 2026 को लेकर देश में भ्रम और विरोध का माहौल बनाया जा रहा है, जबकि यह नियम समानता, समावेशन और सामाजिक न्याय को मजबूत करने वाला है।
उन्होंने बताया कि नए विनियम के तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी के गठन का प्रावधान है। यह कमेटी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अन्य वंचित वर्गों से जुड़े छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव, उत्पीड़न और आपत्तिजनक टिप्पणियों की शिकायतों की सुनवाई करेगी।
अमर सिंह ने रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि इस तरह के नियम पहले से प्रभावी होते तो शायद कई होनहार छात्रों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए ऐसे विनियमों को लागू करना समय की आवश्यकता है।
संगठन ने आरोप लगाया कि यूजीसी विनियम 2026 का विरोध करना अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के विरुद्ध है। इस अवसर पर बरेली बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने भी विनियम का समर्थन करते हुए इसे शीघ्र लागू करने की मांग की, ताकि उच्च शिक्षा संस्थानों में समता और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।