
यूपी में मिलावटी पानी पर बड़ी कार्रवाई, 27 बोतल बंद ब्रांड पर एफएसडीए की रोक
सेहत से खिलवाड़: एफएसडीए ने 27 पैक्ड वाटर ब्रांड की बिक्री-सप्लाई पर लगाई पाबंदी
नमूने फेल, बोतल बंद पानी बना खतरा: यूपी में 27 बोतल बंद ब्रांड कंपनियां हुईं प्रतिबंधित
अब नहीं बिकेगा दूषित पानी, एफएसडीए का बड़ा एक्शन, बरेली मंडल के जलालाबाद का फिनवेल भी सूची में
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
लखनऊ। प्रदेश में बोतल बंद पानी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने सख्त कदम उठाया है। विभाग ने जांच में मानकों पर खरे न उतरने वाले 27 बोतल बंद पानी के ब्रांड के निर्माण, भंडारण, सप्लाई और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विभिन्न जिलों से लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। विभाग का कहना है कि इस प्रकार का पानी लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
एफएसडीए की ओर से मिनरल वाटर, पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर और गैर-एल्कोहलिक पेय पदार्थों में गड़बड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया गया था। इसी अभियान के दौरान कई ब्रांड मानकों पर फेल पाए गए।
जांच में मैनपुरी का ग्लोबल, प्रयागराज का नीट एचटूओ, आजमगढ़ का ग्लासिया, गोरखपुर का रिप्लायबल फ्रेश, बस्ती का कीवी, चित्रकूट का क्वीन, गोंडा का सुपर फाइव स्टार सहित कई ब्रांड के नमूने असुरक्षित पाए गए।
इसके अलावा अंबेडकरनगर का एक्वा हेल्थ, लखनऊ का वृष्टि और फिट, बाराबंकी के किंग मेन, ओएक्सवाई, ज्ञानवी फूडटेक और एलएपी, उन्नाव का फू-फू पुक, रामपुर का एक्वा ऐस, चंदौली का गुगली, एक्वा यूएस और टीचर्स, गौतमबुद्धनगर का एक्वा बोट भी प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं।
बरेली मंडल के शाहजहांपुर स्थित फिनवेल ब्रांड पर भी रोक लगाई गई है। इसके साथ ही वाराणसी के एक्वासिया और साईं नीर, प्रयागराज का रायल चैलेंज, लखीमपुर का न्यू गंगा जल, रायबरेली के मि. जलज और आर्वा, इटावा के निर्मल धारा और कैनियन एक्वा समेत अन्य ब्रांड पर भी कार्रवाई की गई है।
एफएसडीए आयुक्त ने सभी संबंधित कंपनियों को 48 घंटे के भीतर अपने स्टॉक का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि प्रतिबंधित ब्रांड का पानी कहीं भी बिक्री या सप्लाई में न रहे।