
महाराष्ट्र के अंबरनाथ में आया महा सियासी भूचाल! शिंदे की शिवसेना के खिलाफ बीजेपी–कांग्रेस की ‘चौंकाने वाली युति’
रिपोर्ट : महाराष्ट्र ब्यूरो
महाराष्ट्र! महाराष्ट्र के स्थानीय चुनावों में बड़ा उलटफेर सामने आया है। अंबरनाथ नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के खिलाफ हाथ मिला लिया है। इस अप्रत्याशित गठबंधन ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
शिवसेना बनी सबसे बड़ी पार्टी, फिर भी सत्ता से बाहर
ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद को शिंदे गुट की शिवसेना का मजबूत गढ़ माना जाता है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के पुत्र और सांसद श्रीकांत शिंदे का यह प्रभावशाली इलाका है।
चुनाव में शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। सत्ता बनाने के लिए उसने बीजेपी से सहयोग की उम्मीद की थी।
बीजेपी ने बदला रुख, कांग्रेस से मिलाया हाथ
राजनीतिक समीकरण उस वक्त पलट गए जब बीजेपी ने शिवसेना की बजाय कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया। दोनों दलों ने मिलकर नगर परिषद में सत्ता बना ली और बीजेपी के पार्षद को नगराध्यक्ष चुना गया।
देशभर में कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने वाली बीजेपी का यह फैसला सभी को चौंकाने वाला माना जा रहा है।
शिवसेना का तीखा हमला, गठबंधन को बताया ‘अभद्र’
इस घटनाक्रम से शिवसेना खेमे में नाराजगी साफ नजर आई। शिंदे गुट के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने बीजेपी–कांग्रेस गठबंधन को “अभद्र युति” करार दिया।
वहीं सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि इस फैसले पर जवाब बीजेपी को देना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि शिवसेना हमेशा विकास की राजनीति करती रही है और आगे भी उसी राह पर चलेगी।
बीजेपी की सफाई: “जवाब नहीं मिला, इसलिए लिया फैसला”
बीजेपी ने भी पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है। पार्टी के उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल के अनुसार,
शिवसेना से कई बार गठबंधन को लेकर संपर्क किया गया, लेकिन स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसी कारण बीजेपी को वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा।