
बरेली में सड़क सुरक्षा का बिगुल: जनवरी भर चलेगा जागरूकता अभियान, नियम तोड़ने पर नहीं मिलेगी राहत
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली। सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से बरेली में वर्ष 2026 के राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है।
यह विशेष अभियान 1 जनवरी से 31 जनवरी तक जिले भर में चलेगा। अभियान के तहत यातायात नियमों के कड़ाई से पालन के साथ-साथ आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि हेलमेट, सीट बेल्ट, तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने और गलत लेन जैसी लापरवाहियों पर अब किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
गुरुवार को जीआईसी ऑडिटोरियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में अधिकारियों ने मंच से लोगों को सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाने का संदेश दिया।
वक्ताओं ने कहा कि यातायात नियम किसी पर बोझ नहीं, बल्कि चालक और अन्य राहगीरों की जान की सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच हैं। तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग जैसी आदतें न सिर्फ खुद की, बल्कि दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डालती हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2025 में सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई थी, जो लगातार चलाए गए जागरूकता अभियानों और सख्त पुलिस प्रवर्तन का सकारात्मक परिणाम है।
इसी उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष अभियान को और अधिक व्यापक, आक्रामक और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में और कमी लाई जा सके।
उद्घाटन समारोह में एडीजी रमित शर्मा, मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य, सांसद छत्रपाल गंगवार, एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान, नगर मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण स्कूल के बच्चों की प्रस्तुतियां रहीं। बच्चों ने गीत, नाटक और संदेशात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
बच्चों का संदेश साफ था कि यदि आज से ही नियमों की समझ विकसित की जाए, तो भविष्य में सड़कें स्वतः सुरक्षित बन सकती हैं।
पूरे सभागार में “सुरक्षित सड़क, सुरक्षित जीवन” का संदेश गूंजता रहा।