
शर्मीली गृहिणी से सत्ता के शिखर तक: खालिदा जिया की असाधारण राजनीतिक यात्रा, 80 वर्ष की आयु में हुआ निधन
रिपोर्ट : ढाका, बांग्लादेश
ढाका। बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली और सशक्त हस्ताक्षरों में शुमार पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने ढाका के एवरकेयर अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से किडनी संबंधी समस्याओं, हृदय रोग और निमोनिया सहित कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं।
1945 में जन्मी खालिदा जिया का जीवन प्रारंभ में पूरी तरह घरेलू रहा। वह एक साधारण और शर्मीली गृहिणी के रूप में जानी जाती थीं। वर्ष 1981 में उनके पति और तत्कालीन राष्ट्रपति जिया उर रहमान की हत्या के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। इसी घटना ने उन्हें राजनीति के मंच पर ला खड़ा किया।

पति की मृत्यु के बाद खालिदा जिया ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की कमान संभाली और धीरे-धीरे खुद को एक मजबूत जननेता के रूप में स्थापित किया। उन्होंने बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया और कई बार देश की सत्ता संभाली।
अपने लंबे राजनीतिक जीवन में खालिदा जिया ने न केवल महिला नेतृत्व को नई पहचान दी, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाई। उनका संघर्ष, नेतृत्व और राजनीतिक विरासत देश के इतिहास में हमेशा याद की जाएगी।
पूर्व प्रधानमंत्री के निधन से बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशियाई राजनीति में भी एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।