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दिनदहाड़े लूट या छिनैती? प्रेमनगर पुलिस की कहानी पर उठे सवाल

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दिनदहाड़े लूट या छिनैती? प्रेमनगर पुलिस की कहानी पर उठे सवाल

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली !  बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े महिला साइकोलॉजिस्ट के घर में घुसकर हुई मोबाइल लूट की वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

तहरीर तुरंत, एफआईआर चार दिन बाद… क्यों?

राजेंद्रनगर स्थित पीडब्ल्यूडी आवास विकास कॉलोनी निवासी रेनू, जो पीलीभीत में साइकोलॉजिस्ट हैं, 22 दिसंबर को दोपहर करीब एक बजे घर में अकेली थीं। तभी ई-रिक्शा से आया एक युवक खुद को पीडब्ल्यूडी का मेंटेनेंस कर्मचारी बताकर घर में घुसा।

आरोपी ने महिला से हाथापाई की और मोबाइल लूटकर फरार हो गया। पीड़िता ने तत्काल थाने पहुंचकर तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने में चार दिन की देरी कर दी गई।

लूट को छिनैती बताने का खेल, जांच में फंसे इंस्पेक्टर

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इंस्पेक्टर प्रेमनगर राजबली ने लूट की वारदात को गंभीर धाराओं के बजाय छिनैती की धारा में दर्ज किया।

मामले की जांच जब सीओ आशुतोष शिवम ने की तो एफआईआर में देरी, धाराओं के चयन और पूरे घटनाक्रम को गंभीर लापरवाही माना गया। इसके बाद सीओ ने इंस्पेक्टर के खिलाफ एसएसपी को रिपोर्ट भेज दी।

आरोपी गिरफ्तार, लेकिन इंस्पेक्टर पर गहराया शिकंजा

पुलिस ने जोगीनवादा निवासी आरोपी मंजीत राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से लूटा गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल किया गया ई-रिक्शा भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

वहीं दूसरी ओर, इंस्पेक्टर प्रेमनगर राजबली विभागीय जांच के दायरे में आ गए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही विभागीय कार्रवाई हो सकती है।

यह मामला एक बार फिर एफआईआर में देरी और धाराओं में हेरफेर जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है, जिससे पुलिस की जवाबदेही पर बहस तेज हो गई है

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta