
रक्षा मंत्रालय में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा: CBI ने लेफ्टिनेंट कर्नल को किया गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति जब्त
रिपोर्ट: सौरभ गुप्ता
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रक्षा मंत्रालय से जुड़े एक गंभीर भ्रष्टाचार मामले का पर्दाफाश करते हुए मंत्रालय में तैनात एक आर्मी अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर सरकारी ठेकों के बदले निजी कंपनी से मोटी रकम वसूलने का आरोप है।
CBI के अनुसार, उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा ने बेंगलुरु की एक निजी कंपनी से तीन लाख रुपये की रिश्वत ली थी। यह रकम कथित तौर पर रक्षा से जुड़े उपकरणों की खरीद एवं आपूर्ति प्रक्रिया में अनुचित लाभ पहुंचाने के एवज में ली गई।
घर से 2.36 करोड़ रुपये बरामद, आय से अधिक संपत्ति का शक
CBI ने गिरफ्तारी के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से करीब 2 करोड़ 36 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। एजेंसी को आशंका है कि यह रकम आय से अधिक संपत्ति का हिस्सा हो सकती है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पत्नी पर भी शिकंजा, 10 लाख रुपये जब्त
जांच में सामने आया कि इस मामले में आरोपी अधिकारी की पत्नी कर्नल काजल बाली की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है। CBI ने उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया है। तलाशी के दौरान उनके ठिकाने से 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
कर्नल काजल बाली वर्तमान में डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट (DOU), श्रीगंगानगर (राजस्थान) में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्या रिश्वत की रकम को छिपाने या निवेश करने में उनकी कोई भूमिका रही।
बिचौलिया भी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
इस पूरे मामले में एक कथित बिचौलिया विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है, जिस पर कंपनी और आर्मी अधिकारी के बीच लेन-देन कराने का आरोप है। CBI का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक सौदे तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे एक बड़ा रिश्वतखोरी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
23 दिसंबर तक CBI हिरासत में
CBI ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 23 दिसंबर तक CBI की हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी अब पूछताछ के दौरान पैसों के स्रोत, लेन-देन की पूरी श्रृंखला और रक्षा सौदों में संभावित अनियमितताओं की जांच करेगी।
रक्षा प्रतिष्ठानों में भ्रष्टाचार पर कड़ा संदेश
यह कार्रवाई रक्षा प्रतिष्ठानों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक कड़ा संदेश मानी जा रही है। CBI अधिकारियों का कहना है कि सेना और रक्षा मंत्रालय से जुड़े किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच आगे भी जारी रहेगी!