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प्री-प्राइमरी एजुकेटर्स ने उठाई 4 प्रमुख मांगें, CM से हस्तक्षेप की गुहार

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प्री-प्राइमरी एजुकेटर्स ने उठाई 4 प्रमुख मांगें, CM से हस्तक्षेप की गुहार

रिपोर्ट : विवेक गुप्ता 

बरेली!  बरेली में आज उत्तर प्रदेश प्री-प्राइमरी परिषदीय बाल वाटिका उत्थान समिति के बैनर तले प्री-प्राइमरी एजुकेटर्स ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। इनका कहना है कि प्रदेश के नन्हे बच्चों की नींव रखने वाले ये एजुकेटर्स खुद आर्थिक तंगी और सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। इन्होंने मानदेय, चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा जैसी 4 बड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।

उत्तर प्रदेश प्री-प्राइमरी परिषदीय बाल वाटिका उत्थान समिति के प्रदेश संरक्षक पंडित राकेश कुमार शास्त्री और प्रदेश अध्यक्ष पंडित तनु चौहान के नेतृत्व में बरेली के प्री-प्राइमरी एजुकेटर्स ने 13 अगस्त 2026 को डीएम बरेली के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा

पत्र में कहा गया है कि हम नन्हे बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देकर उनकी शैक्षिक और बौद्धिक नींव मजबूत करने का काम कर रहे हैं। लेकिन हमें ही बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं_”हम बच्चों का भविष्य बनाते हैं, लेकिन हमारा अपना भविष्य अंधकार में है। समय पर मानदेय नहीं मिलता, कोई बीमा नहीं है।”_

एजुकेटर्स ने अपनी 4 मुख्य मांगें रखी हैं मानदेय का समय पर भुगतान। इन्होंने कहा कि आर्थिक दिक्कतों से बचने के लिए हर महीने तय तारीख पर मानदेय दिया जाए कैशलेस चिकित्सा सुविधा। जैसे शिक्षक, शिक्षामित्र और रसोइया को सुविधा मिलती है, वैसे ही इन्हें भी दी जाए। सामाजिक और जीवन सुरक्षा। SBI के माध्यम से शिक्षकों को जो बीमा मिलता है, वही प्री-प्राइमरी एजुकेटर्स को भी दिया जाए न्यूनतम मानदेय/वेतन का निर्धारण। श्रम कानूनों के अनुसार सम्मानजनक और न्यायसंगत वेतन तय किया जाए और समय-समय पर उसमें वृद्धि हो समिति ने जिलाधिकारी से शासनादेश जारी करने और मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया है। एजुकेटर्स को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेगी और उन्हें न्याय मिलेगा।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta

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