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₹118 करोड़ का जीएसटी घोटाला बेनकाब, साइबर पुलिस के हत्थे चढ़े फर्जी फर्मों के दो मास्टरमाइंड

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₹118 करोड़ का जीएसटी घोटाला बेनकाब, साइबर पुलिस के हत्थे चढ़े फर्जी फर्मों के दो मास्टरमाइंड

कागजों में खड़ी कीं सैकड़ों कंपनियां, करोड़ों का खेल… बरेली में GST फ्रॉड का बड़ा खुलासा

फर्जी ई-वे बिल, म्यूल खाते और डिजिटल वॉलेट से चलता था करोड़ों का नेटवर्क, दो गिरफ्तार

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। बरेली में साइबर क्राइम थाना पुलिस और राज्य कर (जीएसटी) विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये के फर्जी जीएसटी कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। करीब ₹118 करोड़ के फर्जी टर्नओवर और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) घोटाले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने संगठित गिरोह के दो अहम सदस्यों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क कई वर्षों से कागजों पर फर्जी कंपनियां खड़ी कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा था।

पुलिस के अनुसार, सहायक आयुक्त राज्य कर की शिकायत पर 30 मई को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ी तो एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ, जो अस्तित्वहीन फर्मों के नाम पर काल्पनिक कारोबार दिखाकर अवैध तरीके से जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर रहा था।

एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर कार्रवाई करते हुए 21 जुलाई को मालगोदाम रोड के पास से गाजियाबाद निवासी योगेंद्र शर्मा और साहिबाबाद निवासी टिम्पु को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 से गिरोह ने सैकड़ों फर्जी फर्में तैयार कर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए। इसके बाद म्यूल खातों, फर्जी ई-वे बिल, सर्कुलर ट्रेडिंग और डिजिटल वॉलेट के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन दिखाकर टैक्स व्यवस्था को चकमा दिया जाता था। जांच में अब तक करीब एक दर्जन फर्जी फर्मों के जरिए ₹117.18 करोड़ से अधिक के फर्जी कारोबार का पता चल चुका है, जबकि जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक, एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, बैंक रिकॉर्ड, फर्जी दस्तावेज और करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम साक्ष्य बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

एसएसपी अनुराग आर्य ने इस बड़ी सफलता पर कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को ₹25 हजार नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। वहीं पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल जीएसटी फ्रॉड से जुड़े कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta