
छात्रों पर बल प्रयोग के खिलाफ सपा अल्पसंख्यक सभा का प्रदर्शन, सरकार से कार्रवाई पर उठाए सवाल
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर अनीस अहमद खां ने इस घटना की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज को बल प्रयोग या कानूनी धाराओं के सहारे दबाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि युवा और छात्र देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। यदि उन्हें अपनी मांगों और अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो यह शिक्षा व्यवस्था और शासन की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, किसी भी लोकतांत्रिक समाज में संवाद और समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि बल प्रयोग को।
अनीस अहमद खां ने कहा कि देश की असली ताकत उसके युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सपनों में निहित होती है। इसलिए सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाना समय की जरूरत है।
इस अवसर पर सुरेंद्र सोनकर समेत समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए मांग की कि भविष्य में ऐसे मामलों में संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।