ट्रेंडिंग स्टोरी
विज्ञापन

वीडियो में खुली पोल, फिर भी कार्रवाई गोल! बरेली में तय समय से पहले/बाद में खुल रही शराब दुकानों पर आबकारी विभाग बना मौन, कई वीडिओ हुऐ वायरल, देखें वीडिओ

Spread the love

 

वीडियो में खुली पोल, फिर भी कार्रवाई गोल! बरेली में तय समय से पहले/बाद में खुल रही शराब दुकानों पर आबकारी विभाग बना मौन, कई वीडिओ हुऐ वायरल, देखें वीडिओ

‘जांच करेंगे’ का राग या जिम्मेदारी से बचने का बहाना? अवैध शराब बिक्री पर उठे सवाल

MRP से 100 रुपये तक अधिक वसूली, वायरल वीडियो के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

रात से सुबह तक नियमों की उड़ती हैं धज्जियां, शराब ठेकेदारों पर मेहरबान क्यों है आबकारी विभाग?

बरेली में शराब माफियाओं की ओवर रेटिंग के आगे बेबस विभाग! जनता पूछ रही— आख़िर कार्रवाई कब होगी?

वीडियो वायरल, फिर भी कार्रवाई नहीं: बरेली में समय से पहले/बाद में खुल रहीं शराब दुकानें, आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। जनपद में शराब बिक्री को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शहर के सुभाष नगर से लगातार ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं जिनमें शराब की दुकानें निर्धारित समय से पहले या बाद में खुली दिखाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, आरोप है कि कई दुकानों पर शराब निर्धारित मूल्य (एमआरपी) से अधिक दामों पर बेची जा रही है। आधा दर्जन से अधिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद आबकारी विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

वायरल वीडियो को लेकर जब आबकारी विभाग के जिला आबकारी अधिकारी “DEO”  से सवाल पूछा गया तो जवाब मिला कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लेकिन यही जवाब अब लोगों के गले नहीं उतर रहा। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब वीडियो और तस्वीरों में स्पष्ट रूप से दुकानें खुली दिखाई दे रही हैं और ग्राहकों को शराब बेची जा रही है, तो फिर जांच किस बात की की जाएगी।

हर शिकायत पर एक ही जवाब—’जांच करेंगे’

जनपद में शराब बिक्री से जुड़ी शिकायतों के बाद आबकारी विभाग की ओर से अक्सर एक ही प्रतिक्रिया सामने आती है—”जांच कर कार्रवाई करेंगे”। लेकिन सवाल यह है कि इन जांचों का परिणाम आखिर कब सामने आएगा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों को जमीनी स्थिति की पूरी जानकारी रहती है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंस धारकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की जाती। यही कारण है कि कई शराब विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम नियमों को चुनौती देते नजर आते हैं।

सुबह से लग जाती है शराब खरीदने वालों की कतार

सुभाषनगर क्षेत्र स्थित सरन हॉस्पिटल के पास संचालित शराब दुकान को लेकर सबसे अधिक शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि देर रात 10 बजे के बाद और सुबह निर्धारित समय से पहले भी शराब की बिक्री जारी रहती है। दुकान खुलने से पहले ही ग्राहकों की लंबी कतारें लग जाती हैं और अवैध तरीके एवं ओवर रेटिंग से शराब बेचे जाने का खेल चलता रहता हैं!

क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि यह गतिविधियां किसी से छिपी नहीं हैं। रोजाना बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद रहते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया जाता है।

एमआरपी से अधिक वसूली का भी आरोप

शराब खरीदने वाले कई लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्धारित कीमत से कहीं अधिक रकम वसूली जा रही है। आरोपों के मुताबिक 60 रुपये कीमत वाला पौवा 100 रुपये तक में बेचा जा रहा है। वहीं विभिन्न ब्रांडों की शराब पर प्रति बोतल 50 से 100 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। रोज हजारों रूपये का मुनाफा कर रहे ढेकेदार

यदि ये आरोप सही हैं तो यह केवल समय से पहले बिक्री का मामला नहीं बल्कि उपभोक्ताओं से अवैध वसूली का भी गंभीर मामला बनता है। ऐसे में आबकारी विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

संरक्षण के आरोपों ने बढ़ाई विभाग की मुश्किलें

लगातार सामने आ रहे वीडियो और शिकायतों के बीच अब विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर नियमों का खुला उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। कुछ लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि कहीं विभागीय स्तर पर संरक्षण तो नहीं दिया जा रहा। कार्रवाई के अभाव ने लोगों के मन में कई तरह के सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

जनता को जांच नहीं, केवल कार्रवाई का इंतजार

शहर में वायरल हो रहे वीडियो और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब आम लोगों की निगाहें आबकारी विभाग पर टिकी हैं। लोग जानना चाहते हैं कि यदि नियमों का उल्लंघन स्पष्ट दिखाई दे रहा है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। विभाग कितनी जांच कर चुका है, कितने लाइसेंस निलंबित किए गए और कितनों पर जुर्माना लगाया गया, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार भी मामला केवल “जांच करेंगे” तक सीमित रहेगा या फिर नियमों को ताक पर रखकर शराब बेचने वालों के खिलाफ कोई ठोस और दिखाई देने वाली कार्रवाई भी होगी। बरेली की जनता फिलहाल इसी जवाब का इंतजार कर रही है।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta