एसआरएमएस रिद्धिमा में गूंजा ‘अमृत मंथन’, भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

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एसआरएमएस रिद्धिमा में गूंजा ‘अमृत मंथन’, भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

नन्हे कलाकारों से लेकर गुरुओं तक ने दिखाई अद्भुत साधना, दर्शकों ने तालियों से सराहा

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली, 5 अप्रैल 2026। एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार शाम आयोजित भरतनाट्यम कार्यक्रम ‘अमृत मंथन’ कला, संस्कृति और परंपरा का शानदार संगम बन गया। कार्यक्रम में गुरुओं और विद्यार्थियों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ नन्हे कलाकारों—आद्या, मेहर, अवंतिका, अनिका, अनंशी, चिरन्य, मायरा, पायरा, वंदिगी, राध्या, आन्वी, भव्या, सान्वी, संस्कृति, अनुरिति, साव्या, अक्षिता, प्राग्वी और शाम्भवी—ने भैरवाष्टकम पर मनोहारी प्रस्तुति देकर किया। इसके बाद अष्टलिंगम, तांडवम ‘शिव-शिव शंकर’, ‘चंद्रचूड़’ और बंगाली गीत ‘आछे जामाई दिगंबर’ पर प्रस्तुत नृत्य ने भारतीय शास्त्रीय कला की विविधता को जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण तब बना जब भरतनाट्यम गुरु रोबिन ए और तनया भट्टाचार्य स्वयं मंच पर उतरे। रोबिन ए ने अर्धनारीश्वर और तनया भट्टाचार्य ने शिव सदाक्षरा स्तोत्रम् पर अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति देकर न केवल दर्शकों को भावविभोर किया, बल्कि विद्यार्थियों को कला की गहराई और अनुशासन का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष कुमार और दीपाली सक्सेना ने प्रभावी ढंग से किया। इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, देविशा मूर्ति, उषा गुप्ता, डॉ. रजनी अग्रवाल, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. शैलेश सक्सेना सहित शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta