
ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट का सफल रेस्क्यू, ट्रंप बोले- 24 घंटे निगरानी में चला ऑपरेशन
दुश्मन के इलाके में चला ‘सबसे साहसी’ बचाव अभियान, बिना नुकसान के सेना ने लौटाया पायलट
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
नई दिल्ली ! पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान में लापता हुए अमेरिकी पायलट को सुरक्षित निकाल लेने का दावा किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह अमेरिकी सेना के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक रहा।
दरअसल, ईरान द्वारा अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E Strike Eagle को मार गिराए जाने के बाद उसका एक पायलट लापता हो गया था। दूसरे पायलट को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। लापता पायलट को ढूंढने के लिए अमेरिकी सेना ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी देते हुए बताया कि पायलट दुश्मन के इलाके में पहाड़ी क्षेत्र में फंसा हुआ था और ईरानी बल उसके करीब पहुंच रहे थे। इसके बावजूद अमेरिकी सेना उसकी हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए थी और उसे सुरक्षित निकालने की रणनीति पर काम कर रही थी।
उन्होंने कहा कि उनके निर्देश पर सेना ने कई अत्याधुनिक हथियारों से लैस विमानों को अभियान में शामिल किया। लंबे ऑपरेशन के बाद पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया। हालांकि, उसे मामूली चोटें आई हैं और वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा।
ट्रंप ने इस मिशन को ‘चमत्कारी’ करार देते हुए कहा कि सैन्य इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब दुश्मन के कब्जे वाले इलाके के भीतर से अलग-अलग अभियानों में दो पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बचाव दल को अभी पूरी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचना बाकी है, इसलिए अभियान पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा सकता।
ट्रंप ने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि अमेरिका अपनी सेना और सैनिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाता है और कभी भी अपने जवानों को पीछे नहीं छोड़ता।