पिल्ले को बचाने के लिए सुरंग में घुसा मासूम, दो घंटे बाद जेसीबी से खुदाई कर निकाला गया सुरक्षित

Spread the love

 

पिल्ले को बचाने के लिए सुरंग में घुसा मासूम, दो घंटे बाद जेसीबी से खुदाई कर निकाला गया सुरक्षित

चार साल के बिपिन की जान पर बन आई, कोल्हू के पास बनी संकरी सुरंग में फंस गया था

फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की मशक्कत रंग लाई, सुरक्षित बाहर आते ही परिजनों ने ली राहत की सांस

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। नवाबगंज क्षेत्र में एक चार साल के मासूम का जानवर के प्रति प्रेम उसे अचानक बड़ी मुसीबत में डाल गया। पिल्ले को बचाने के प्रयास में बच्चा गन्ने के कोल्हू के पास बनी संकरी सुरंग में घुस गया और अंदर जाकर खुद ही फंस गया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जेसीबी मशीन की मदद से खुदाई कर बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

जानकारी के अनुसार बरखन निवासी संतोष अपने परिवार के साथ पीलीभीत-बरेली बाईपास स्थित गरगईया गांव में शाकिर के कोल्हू पर मजदूरी करते हैं और वहीं परिवार सहित रहते हैं। संतोष ने बताया कि उन्होंने एक कुत्ता पाल रखा है, जिसके दो पिल्ले हैं। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे एक पिल्ला कोल्हू के पास बनी खाली सुरंग में घुस गया।

पिल्ले को बाहर निकालने के लिए संतोष का चार वर्षीय बेटा बिपिन भी सुरंग में घुस गया। सुरंग काफी संकरी होने के कारण वह कुछ दूर जाकर अंदर ही फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। बच्चे के फंसने की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

ग्रामीणों और राहगीरों ने पहले फावड़ों से मिट्टी हटाकर बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद पीलीभीत-बरेली बाईपास के निर्माण कार्य में लगी जेसीबी मशीन को मौके पर बुलाया गया। करीब दो घंटे तक लगातार खुदाई करने के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य में सहयोग किया। इस दौरान बच्चे के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बच्चे के सुरक्षित बाहर आते ही परिजनों समेत वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

पिता संतोष ने बताया कि वह मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते हैं। यह घटना पीलीभीत-बरेली बाईपास पर फायर स्टेशन के सामने की बताई जा रही है। बच्चे के सकुशल बाहर निकलने से परिवार और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta