
खुशी के बीच मातम: बेटी की शादी के दिन मां ने तोड़ा दम, घर में रखे शव के बीच पूरी हुई रस्में
बारात पहुंचते ही दुल्हन की मां का निधन, गम के साये में पूरी हुई बेटी की शादी
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली/बहेड़ी! उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक घर में बेटी की शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। बारात के दरवाजे पर पहुंचते ही दुल्हन की मां की तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में उनका निधन हो गया। परिवार ने भारी मन से एक कठिन फैसला लिया और मां के शव को घर में रखकर ही बेटी की शादी की रस्में पूरी कराईं। इस घटना ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।
बरेली के बहेड़ी थाना क्षेत्र के मोहल्ला आजाद नगर में सोमवार को एक ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने खुशी के माहौल को पलभर में गम में बदल दिया। यहां रहने वाले प्रवीण कुमार सक्सेना की बेटी श्रद्धा की शादी महाराजगंज (गोरखपुर) निवासी प्रिकेश सक्सेना के साथ तय थी। परिवार में कई दिनों से शादी की तैयारियां चल रही थीं और सोमवार को बारात के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली गई थी।
बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर जैसे ही बारात दरवाजे पर पहुंची, घर के बाहर स्वागत की तैयारियां जोरों पर थीं। रिश्तेदार और मेहमान बारातियों के स्वागत में जुटे हुए थे। इसी बीच दुल्हन की मां रजनी सक्सेना की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पहले तो परिवार वालों ने इसे सामान्य कमजोरी समझा, लेकिन कुछ ही देर में उनकी हालत गंभीर हो गई।
परिजन तुरंत उन्हें संभालने की कोशिश करने लगे, लेकिन थोड़ी ही देर में रजनी ने दम तोड़ दिया। मां की अचानक मौत की खबर मिलते ही पूरे घर में चीख-पुकार मच गई और शादी का माहौल मातम में बदल गया। रिश्तेदारों और पड़ोसियों की आंखों में आंसू आ गए। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि इतनी बड़ी घटना के बीच आगे क्या किया जाए।
स्थिति इसलिए भी कठिन थी क्योंकि बारात करीब 600 किलोमीटर दूर महाराजगंज से आई थी और सैकड़ों मेहमान पहले ही शादी में शामिल होने पहुंच चुके थे। ऐसे में परिवार और रिश्तेदारों ने आपस में चर्चा की और आखिरकार भारी मन से फैसला लिया कि बेटी की शादी की रस्में पूरी कराई जाएं।
परिजनों ने मां के पार्थिव शरीर को घर में ही एक कमरे में रख दिया और दिल पर पत्थर रखकर विवाह की बाकी रस्में पूरी कराईं। बेहद भावुक माहौल के बीच श्रद्धा और प्रिकेश का विवाह संपन्न हुआ। शादी के दौरान मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
बताया जा रहा है कि बारात की विदाई के बाद ही रजनी सक्सेना का अंतिम संस्कार किया जाएगा। एक ही घर में खुशी और गम का ऐसा संगम देखकर हर कोई भावुक हो उठा। इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि कई बार हालात इंसान को ऐसे कठिन फैसले लेने पर मजबूर कर देते हैं, जिन्हें याद करके हर किसी का दिल भर आता है!


