
वसूली का खेल या वीडियो का जाल? जिला बदर आरोपी पर रंगदारी का आरोप
जिला बदर के नाम पर रंगदारी! वायरल वीडियो की आड़ में 40 हजार की मांग
स्पा सेंटर सील, फिर शुरू हुआ ‘डिलीट करा देंगे’ का सौदा
वीडियो-ऑडियो कांड: बदनामी के डर से वसूली का नेटवर्क हुआ बेनकाब
जिला बदर के बाद भी दबंगई! स्पा संचालिका से रंगदारी मांगने पर मुकदमा दर्ज
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली! बरेली के पीलीभीत रोड स्थित एक निजी अस्पताल की दूसरी मंजिल पर संचालित स्पा सेंटर को लेकर शहर में हड़कंप मचा हुआ है। दो दिनों में वायरल हुए वीडियो और ऑडियो क्लिप ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया है। पहले स्पा सेंटर का कथित वीडियो सामने आया, जिसमें अंदर की गतिविधियों पर सवाल उठाए गए। इसके बाद वीडियो हटवाने और सेंटर दोबारा खुलवाने के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग का ऑडियो वायरल हो गया।
मामले में बारादरी थाना पुलिस ने जिला बदर चल रहे ऋषभ ठाकुर, उसके कथित सहयोगी आशु यादव और तीन अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वीडियो से शुरू हुआ बवाल
दो दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में दावा किया गया कि स्पा सेंटर के भीतर युवतियों को ग्राहकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है और पैसों को लेकर बातचीत हो रही है। वीडियो में एंट्री फीस और रकम तय करने जैसी बातें रिकॉर्ड होने का दावा किया गया।
वीडियो वायरल होते ही बारादरी पुलिस मौके पर पहुंची और स्पा सेंटर पर ताला लगवा दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौके से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। फिर भी वीडियो की सत्यता और उसमें दर्शाई गई गतिविधियों की जांच जारी है।
अगले दिन सामने आया ऑडियो, 40 हजार की मांग
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अगले ही दिन एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें कथित रूप से स्पा संचालिका से 40 हजार रुपये की मांग की जा रही है। बातचीत में वीडियो इंटरनेट से हटवाने और सेंटर दोबारा खुलवाने की बात कही जा रही है। रकम भेजने के बाद सब ‘सेट’ कराने का दावा भी सुनाई देता है।
सूत्रों के अनुसार यह ऑडियो जिला बदर आरोपी ऋषभ ठाकुर के करीबी बताए जा रहे आशु यादव का बताया जा रहा है। ऑडियो के सामने आने के बाद रंगदारी की आशंका और मजबूत हो गई है।
जिला बदर के बावजूद सक्रिय गिरोह?
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर पहले से जिला बदर की कार्रवाई का सामना कर रहा है। इसके बावजूद उसके नाम पर कथित वसूली की कोशिश ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों में दहशत और चर्चा का माहौल है। चर्चा है कि वायरल वीडियो की आड़ में बदनामी के डर का फायदा उठाकर वसूली गिरोह सक्रिय हो गए हैं।
दोहरी जांच में उलझा मामला
बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडे ने बताया कि ऑडियो और वीडियो दोनों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि क्लिप किसने रिकॉर्ड की, किसने अपलोड की और किसने वायरल की।
पुलिस का कहना है कि यदि वीडियो में अवैध गतिविधियों के प्रमाण मिलते हैं तो उस एंगल से भी कार्रवाई होगी। वहीं रंगदारी के आरोपों की अलग से विवेचना की जा रही है।
फिलहाल स्पा सेंटर पर ताला लटका है और पूरा मामला दो दिशाओं में जांच के दायरे में है — “एक तरफ स्पा सेंटर की गतिविधियां, दूसरी तरफ वायरल कंटेंट के जरिए ब्लैकमेलिंग और रंगदारी का खेल”।