
मुंबई जाने वालों के लिए खुशखबरी: बरेली-एलटीटी एक्सप्रेस में लगे एलएचबी कोच, सफर होगा ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक
रेलवे का बड़ा कदम: बरेली से लोकमान्य तिलक टर्मिनल जाने वाली ट्रेन में शुरू हुए आधुनिक एलएचबी कोच
अब कम झटके, ज्यादा सुरक्षा: बरेली-एलटीटी एक्सप्रेस में एलएचबी कोच से बदलेगा सफर का अनुभव
मुंबई रूट पर यात्रियों को बड़ी राहत, एलएचबी कोच के साथ दौड़ी बरेली-एलटीटी एक्सप्रेस
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। लंबी दूरी की यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में रेलवे ने अहम पहल की है। शनिवार को बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों का संचालन शुरू कर दिया गया। बरेली जंक्शन से ट्रेन को अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नए कोचों को लेकर यात्रियों में उत्साह देखा गया।
पारंपरिक कोच से ज्यादा सुरक्षित
एलएचबी कोच पारंपरिक आईसीएफ डिब्बों की तुलना में अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। इनमें एंटी-टेलीस्कोपिक तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में डिब्बे एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते। इससे गंभीर हादसों में नुकसान की आशंका कम हो जाती है।
इन कोचों में अत्याधुनिक डिस्क ब्रेक प्रणाली लगाई गई है, जो तेज रफ्तार में भी कम दूरी में ट्रेन को रोकने में सक्षम है। आपात स्थिति में बेहतर नियंत्रण इसकी बड़ी विशेषता है।
एलएचबी कोच सामान्य डिब्बों से लगभग दो मीटर लंबे होते हैं। अतिरिक्त लंबाई के कारण इनमें सीटों की संख्या अधिक रहती है, जिससे ज्यादा यात्रियों को समायोजित किया जा सकता है।
बेहतर सस्पेंशन सिस्टम की वजह से झटके कम महसूस होते हैं। पहले ही दिन यात्रा करने वाले यात्रियों ने सफर को पहले की तुलना में अधिक सहज और आरामदायक बताया।
स्वच्छता पर भी जोर
कोचों में बायो-टॉयलेट की व्यवस्था की गई है, जिससे ट्रैक पर गंदगी नहीं फैलती। यह कदम रेलवे के स्वच्छता अभियान के अनुरूप माना जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि स्टेशन और पटरियों की साफ-सफाई भी बेहतर रहेगी।
सप्ताह में एक दिन संचालन
यह ट्रेन बरेली से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक संचालित होती है। ट्रेन का संचालन सप्ताह में एक दिन, प्रत्येक शनिवार को किया जाता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से अन्य ट्रेनों में भी एलएचबी कोच लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को आधुनिक तकनीक से लैस सुरक्षित और आरामदायक सफर की सुविधा मिल सके।