
शिवरात्रि पर फलाहार को लेकर प्रशासन की एडवाइजरी जारी
कुडू का आटा इस्तेमाल करने से पहले बरतें खास सावधानी, पुराने स्टॉक को करें नष्ट
बिना बिल पैकेट आटा बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, बरेली ने आम नागरिकों और खाद्य कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने व्रत के दौरान सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थों के सेवन की अपील करते हुए विशेष रूप से कुडू के आटे को लेकर सावधानी बरतने को कहा है।
जारी अपील में बताया गया है कि शिवरात्रि के अवसर पर लोग फलाहार में फल, सूखे मेवे, दूध, दही और अन्य दुग्ध उत्पादों का सेवन कर सकते हैं, लेकिन कुडू के आटे का उपयोग करते समय विशेष ध्यान रखना जरूरी है। बाजार से साबुत कुडू खरीदने के बाद उसे पहले गर्म पानी से अच्छी तरह धोकर सुखाया जाए। इसके बाद आवश्यकतानुसार पिसवाकर आटे को साफ और सूखे स्टेनलेस स्टील के बर्तन में सुरक्षित ढंग से बंद करके रखें। इस प्रकार तैयार किया गया आटा 15 से 20 दिनों के भीतर उपयोग कर लेना चाहिए। घर में पहले से रखा पुराना कुडू का आटा उपयोग में न लाएं और उसे तुरंत नष्ट कर दें।
विभाग ने खाद्य कारोबारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। प्रतिष्ठानों पर रखा पुराना कुडू का आटा तुरंत नष्ट किया जाए और नया आटा तैयार करते समय पूरी स्वच्छता और निगरानी बरती जाए। साबुत कुडू को अच्छी तरह साफ कराने के बाद ही पिसवाया जाए। पैकेट बंद कुडू का आटा बिना वैध बिल या कैश मेमो के मंगाने और बेचने पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसके साथ ही सभी खाद्य व्यापारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने प्रतिष्ठान पर खरीदे गए खाद्य पदार्थों के बिल सुरक्षित रखें और निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को प्रस्तुत करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस अपील का उद्देश्य शिवरात्रि पर्व के दौरान आमजन को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि लोग श्रद्धा और स्वास्थ्य दोनों के साथ पर्व मना सकें।