
बरेली से सियासी हमला: शहाबुद्दीन रजवी बोले– अखिलेश का PDA फॉर्मूला हुआ फ्लॉप, मुसलमानों की अनदेखी पड़ी भारी
“PDA नहीं, धोखा है!” — शहाबुद्दीन रजवी का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला
मुस्लिम अनदेखी पर भड़के शहाबुद्दीन रजवी, बोले– PDA फॉर्मूला जमीन पर फेल
बरेली से उठा सियासी तूफान: अखिलेश के PDA मॉडल को शहाबुद्दीन रजवी ने बताया खोखला
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इसे पूरी तरह नाकाम बताते हुए कहा कि इस फॉर्मूले में मुस्लिम समाज को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है।
बरेली में मीडिया से बातचीत के दौरान मौलाना रजवी ने कहा कि PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताया जाता है, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। उनके मुताबिक, अगर मुस्लिम समाज को वास्तव में शामिल किया जाता, तो इसे PDA नहीं बल्कि PDM (पिछड़ा-दलित-मुसलमान) कहा जाता।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से मुस्लिम वोटों का इस्तेमाल करती आई है, लेकिन राजनीतिक भागीदारी और सम्मान देने के समय मुसलमानों को हाशिये पर डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम समाज सिर्फ वोट बैंक बनकर नहीं रहना चाहता।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सामाजिक न्याय की राजनीति तब तक अधूरी है, जब तक मुस्लिम समाज को बराबरी का हक और निर्णायक भूमिका नहीं दी जाती। रजवी ने अखिलेश यादव को सलाह दी कि अगर वे वाकई मजबूत गठबंधन चाहते हैं, तो मुस्लिम समाज को सम्मानजनक हिस्सेदारी देनी होगी।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और PDA फॉर्मूले को लेकर समाजवादी पार्टी की रणनीति पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं।