
माघ पूर्णिमा पर रामगंगा तट पर उमड़ी श्रद्धा की बड़ी लहर, कोहरे-बारिश में भी हजारों ने लगाई आस्था की डुबकी
आस्था पर भारी पड़ा मौसम, माघ पूर्णिमा पर रामगंगा घाटों पर 50 हजार तक श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को रामगंगा नदी के विभिन्न घाट श्रद्धालुओं से खचाखच नजर आए। घना कोहरा और रुक-रुक कर होती हल्की बारिश भी लोगों की आस्था को डिगा नहीं सकी। तड़के करीब 4 बजे से ही चौबारी घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक सुबह 10 बजे तक लगभग 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके थे, जबकि दिन भर में यह संख्या 50 से 60 हजार तक पहुंचने का अनुमान जताया गया। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने घाटों पर दान-पुण्य, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न किए।
भीड़ अधिक होने के बावजूद स्नान पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए रहे।
माघ पूर्णिमा के मद्देनज़र शहर में जाम की समस्या न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 4 बजे से दोपहर 1 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई। दिल्ली, रामपुर, बदायूं, नैनीताल और पीलीभीत की ओर से आने वाले भारी वाहनों को बड़े बाईपास से डायवर्ट किया गया। रामगंगा की ओर जाने वाले भारी वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रही।
एसपी ट्रैफिक मो. अकमल खान ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और लागू किए गए ट्रैफिक प्लान का सख्ती से पालन कराया गया। वहीं सीओ द्वितीय सोनाली मिश्रा ने घाटों व ट्रैफिक व्यवस्था का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
प्रशासन का कहना है कि बेहतर योजना और सतर्क सुरक्षा व्यवस्था के चलते माघ पूर्णिमा का स्नान पर्व बिना किसी अव्यवस्था के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।