यूपी में मीट उद्योग पर बड़ी कर कार्रवाई: 26 घंटे की छापेमारी में करोड़ों की जीएसटी चोरी उजागर

Spread the love

 

यूपी में मीट उद्योग पर बड़ी कर कार्रवाई: 26 घंटे की छापेमारी में करोड़ों की जीएसटी चोरी उजागर

बरेली की मीट फैक्ट्रियों में टैक्स खेल का पर्दाफाश, दबाव में संचालकों ने जमा किए ₹1 करोड़

जीएसटी एसआईबी की बड़ी रेड: मीट प्रोसेसिंग यूनिटों में फर्जी बिलिंग और कर चोरी का खुलासा

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। उत्तर प्रदेश में मीट प्रोसेसिंग उद्योग में लंबे समय से चल रही जीएसटी अनियमितताओं पर राज्य कर विभाग ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। शाहजहांपुर रोड स्थित नरियावल क्षेत्र में संचालित दो प्रमुख मीट यूनिटों—मारिया फ्रोजन और रहबर फूड्स—पर विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) की टीम ने एक साथ छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संभावित टैक्स चोरी का खुलासा किया।

लगातार करीब 26 घंटे तक चली जांच के दौरान विभागीय दबाव में आकर फैक्ट्री प्रबंधन ने एक करोड़ रुपये की जीएसटी राशि मौके पर ही जमा करा दी। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रारंभिक जमा है, अंतिम देयता का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा।

कड़ी निगरानी में हुई कार्रवाई

डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह और रोहित मालवीय के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में 10 असिस्टेंट कमिश्नर, 15 स्टेट टैक्स अधिकारी और करीब 20 पुलिसकर्मी शामिल रहे। छापेमारी शुरू होते ही दोनों फैक्ट्रियों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए और किसी भी प्रकार की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।

दस्तावेज, स्टॉक और लेनदेन की बारीकी से जांच

टीम ने पशुओं की खरीद से लेकर मांस की बिक्री, मजदूरी भुगतान, लेखा रिकॉर्ड, एंट्री रजिस्टर और बैंक खातों तक की गहन पड़ताल की। फैक्ट्रियों में मौजूद जानवरों, कर्मचारियों, वाहनों और पैक्ड मीट स्टॉक का दस्तावेजों से मिलान किया गया।

प्रारंभिक जांच में फर्जी बिलिंग, कम टैक्स दिखाने और संदिग्ध लेनदेन के कई संकेत सामने आए हैं।

रकम जमा, लेकिन जांच जारी

हालांकि संचालकों द्वारा एक करोड़ रुपये की जीएसटी राशि जमा कर दी गई, इसके बावजूद विभाग ने कार्रवाई को और सख्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का तत्काल भुगतान स्वयं में कर चोरी की आशंका को मजबूत करता है।

गुरुवार शाम खत्म हुई रेड

फैक्ट्रियों के बड़े स्तर, कर्मचारियों की संख्या और रिकॉर्ड की व्यापकता के कारण छापेमारी गुरुवार शाम करीब पांच बजे जाकर पूरी हो सकी, जिसके बाद जांच टीमें परिसर से बाहर निकलीं।

आगे होगी विधिक कार्रवाई

अपर आयुक्त राज्य कर विभाग आशीष निरंजन ने बताया कि शुरुआती जांच में भारी टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। दस्तावेजों और स्टॉक का विस्तृत मिलान पूरा होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta