चर्चित हिस्ट्रीशीटर तौफीक प्रधान के बेटे पर युवक को चाकू मारने का आरोप
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली में अपराधियों के हौसले लगातार कानून-व्यवस्था को चुनौती देते नजर आ रहे हैं।
बारादरी थाना क्षेत्र के एजाज नगर गौटिया में एक मामूली विवाद ने सरेआम हिंसक रूप ले लिया, जहां कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तौफीक प्रधान के बेटे पर अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर तौफीक प्रधान के बेटे आफताब का स्थानीय युवक कासिम से किसी छोटी बात को लेकर विवाद हो गया।
कहासुनी के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आफताब ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि इसके बाद कासिम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए।
हमले में कासिम गंभीर रूप से घायल हो गया और खून से लथपथ हालत में सड़क पर गिर पड़ा। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताई है।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी आफताब अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर तौफीक प्रधान और उसका परिवार लंबे समय से क्षेत्र में दबदबा बनाए हुए है।
भय के कारण लोग खुलकर शिकायत करने से भी बचते हैं। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूमते हैं और खुद को कानून से ऊपर समझते हैं।
उल्लेखनीय है कि तौफीक प्रधान हाल ही में बारादरी थाना प्रभारी के साथ हुई कथित नोकझोंक को लेकर भी चर्चा में रहा था। उस प्रकरण के बाद भी पुलिस की कार्यप्रणाली और हिस्ट्रीशीटरों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
बेटे द्वारा की गई इस सरेआम चाकूबाजी की घटना ने यह संकेत दे दिया है कि आपराधिक प्रवृत्तियां नई पीढ़ी तक पहुंच चुकी हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में आए दिन धमकी, मारपीट और दबंगई की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रभावशाली होने के चलते आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती।
घटना की सूचना मिलते ही बारादरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
फिलहाल यह घटना एक बार फिर बरेली में बढ़ते अपराध और पुलिस प्रशासन के सामने खड़ी गंभीर चुनौती को उजागर करती है। अब देखना होगा कि इस मामले में कानून सख्ती से कार्रवाई करता है या दबंगों का प्रभाव एक बार फिर भारी पड़ता है।