
गुंडा एक्ट का शिकंजा: वसीम उर्फ गंठा छह महीने के लिए बरेली से बाहर
डीएम कोर्ट का बड़ा एक्शन: बदमाश वसीम उर्फ गंठा जिला बदर
कानून का डंडा चला: बरेली की शांति के लिए गंठा को बाहर का रास्ता
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी क्रम में जिला अधिकारी बरेली के न्यायालय ने गुंडा एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए वसीम उर्फ गंठा को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है।
प्रकरण संख्या 411/25 (राज्य बनाम वसीम उर्फ गंठा) में माननीय न्यायालय ने धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 के अंतर्गत अभियुक्त को जनपद की सीमाओं से बाहर रखने का आदेश पारित किया। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है।
जानकारी के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में आज 6 जनवरी को थाना बारादरी पुलिस ने अभियुक्त वसीम उर्फ गंठा पुत्र मोहम्मद नबी अहमद, निवासी ईंट पजाया चौराहा, थाना बारादरी, को आदेश की विधिवत प्रति रिसीव कराई। इसके साथ ही कार्रवाई को जनरल डायरी में दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस अभिरक्षा में अभियुक्त को बरेली–पीलीभीत बॉर्डर तक ले जाकर जनपद की सीमा से बाहर किया गया और पीलीभीत जनपद में दाखिल कराया गया। पुलिस ने उसे आदेश पढ़कर सुनाया और सख्त चेतावनी दी कि आगामी छह माह तक किसी भी हाल में बरेली जिले की सीमा में कदम रखा तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जिला बदर की कार्रवाई अपराध नियंत्रण, जनहित और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जिले में अराजकता फैलाने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।