
करोड़ों की ठगी में कन्हैया गुलाटी पर शिकंजा कसता जा रहा, एसआईटी जांच हुई तेज
धाराएं बढ़ाने और गैंगस्टर लगाने की तैयारी
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली! बरेली में करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी कैनविज कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है।
सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में अब तक 20 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जबकि गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है।
पुलिस अब ऐसी धाराएं जोड़ने की तैयारी में है, जिससे कन्हैया गुलाटी और उसके गुर्गों को आसानी से जमानत न मिल सके।
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर गठित एसआईटी इस पूरे प्रकरण की दो स्तरों पर जांच कर रही है। एक ओर संबंधित थानों के विवेचक मामलों की जांच में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर एसपी ट्रैफिक अकमल खान के नेतृत्व में एसआईटी पीड़ितों के बयान दर्ज कर ठगी के नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है।
अब तक आठ पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और आने वाले दो से तीन दिनों में मामलों में धाराओं की संख्या बढ़ाई जाएगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक गुलाटी के खिलाफ जिन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं, उनमें अधिकतम सजा सात साल से कम है।
इसी कारण उसकी गिरफ्तारी में कानूनी अड़चनें सामने आ रही थीं। लेकिन अब पीड़ितों के ताजा बयानों के आधार पर रंगदारी, गंभीर धोखाधड़ी और ठगी जैसी सख्त धाराएं जोड़ी जाएंगी।
इसके बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का रास्ता भी साफ हो जाएगा, जिससे आरोपी को लंबे समय तक जेल में रखा जा सकेगा।
कन्हैया गुलाटी के मददगारों की भी तलाश में पुलिस एसआईटी की जांच अब केवल कन्हैया गुलाटी तक सीमित नहीं है।
पुलिस उसके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की तैयारी में है। बरेली के साथ-साथ बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत समेत अन्य जिलों में सक्रिय एजेंटों और मददगारों को चिन्हित किया जा रहा है।
निवेशकों से पैसा इकट्ठा करने वाले एजेंटों, कमीशनखोरों और सहयोगियों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह पर एक साथ कार्रवाई की जा सके।
एसपी ट्रैफिक व एसआईटी नोडल अधिकारी अकमल खान ने बताया कि थाना स्तर पर विवेचकों के साथ समन्वय बनाकर जांच की जा रही है। पीड़ितों के बयान बेहद अहम हैं और उन्हीं के आधार पर धाराओं में इजाफा किया जाएगा।
पुलिस का साफ संदेश है कि ठगी करने वालों और उनके मददगारों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
कुल मिलाकर, करोड़ों की ठगी के इस मामले में कन्हैया गुलाटी और उसके पूरे नेटवर्क पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। आने वाले दिनों में गिरफ्तारी, धाराओं में बढ़ोतरी और गैंगस्टर की कार्रवाई से यह मामला और भी बड़ा रूप ले सकता है।