राजेश हत्याकांड: एक माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं, आक्रोशित ग्रामीणों ने एसएसपी दफ्तर घेरा
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली। फरीदपुर क्षेत्र में युवक राजेश की संदिग्ध मौत को एक महीना बीत चुका है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। सोमवार को महमूदपुर गांव के सैकड़ों लोग युवा सेना के पदाधिकारियों के साथ बरेली स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि मामले में केवल औपचारिक जांच की जा रही है, जबकि नामजद आरोपी बिना किसी डर के खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो उन्हें इस तरह सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आती।
महमूदपुर निवासी रामवीर के अनुसार, 4 नवंबर को गांव के ही केशरी, नरवीर, बब्लू और रविंद्र उनके 35 वर्षीय बेटे राजेश को हल्द्वानी से चौबारी मेले में ले गए थे। राजेश चार दिनों तक घर नहीं लौटा, जिसके बाद परिवार ने 7 नवंबर को फरीदपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। 8 नवंबर को कैंट क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में एक शव मिलने की सूचना पर परिवार पहुंचा। कपड़ों और निशान के आधार पर शव की पहचान राजेश के रूप में हुई।
परिवार का कहना है कि जब उन्होंने आरोपित युवकों से राजेश के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने फोन पर गालियां देते हुए धमकी दी—“तेरे बेटे को मारकर नदी में फेंक दिया है।” यह सुनकर परिजन और ज्यादा दहशत में आ गए। उनका आरोप है कि इतने गंभीर संकेत मिलने के बावजूद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इसी लापरवाही के विरोध में सोमवार को ग्रामीण एसएसपी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच और जल्द कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।